पतंजलि भ्रामक विज्ञापन मामले में आज बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण फिर सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए। बता दे की इसे पहले 16 अप्रैल को हुई सुनवाई में पतंजलि आयुर्वेद के एमडी और मुखिया रामदेव व बालकृष्ण दोनो की माफ़ी कोर्ट ने ठुकरा दी थी। वही बाबा रामदेव की तरफ से अब तक तीन बार कोर्ट के सामने माफ़ी मांगी जा चुकी है। जबकि पिछली बार खुद योग गुरु रामदेव ने कोर्ट से माफ़ी माँगी थी। लेकिन जस्टिस हिमा कोहली और जस्टिस अमानुल्लाह की बेंच ने कहा था की बाबा रामदेव इस मामले को हलके में ले रहे है। ऐसा बिलकुल नहीं लग रहा है की कोई ह्रदय परिवर्तन हुआ है इसलिए अब इस मामले की सुनवाई 23 अप्रैल को होगी।
वही सुप्रीम कोर्ट की तल्लख टिप्पणीयो और फटकार के बाद पतंजलि आयुर्वेद की तरफ से 22 अप्रैल को एक दैनिक समाचार पत्र में सार्वजनिक माफीनामा प्रकाशित किया गया। जिसमे कहा गया की वो सुप्रीम कोर्ट का सम्मान करते है ये गलती दुबारा नहीं दोहराई जायेगी। हालांकि आज की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कहा की बड़े साइज में माफीनामें का विज्ञापन दे ताकि लोगो को समाज में आए। वही माफीनामा स्वीकार न करने से पहले भी सुप्रीम कोर्ट तीन बार रामदेव और पतंजलि की तरफ से मांगी गयी माफ़ी को ठुकरा चूका है।