हल्द्वानी। नैनीताल जिले के रानीबाग स्थित ऐतिहासिक चित्रशिला धाम और माता जिया रानी मंदिर परिसर में कथित अतिक्रमण के खिलाफ पहाड़ी आर्मी उत्तराखंड का हस्ताक्षर अभियान 22वें दिन भी जारी रहा। संगठन ने एक अक्टूबर से मंदिर परिसर को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग को लेकर जन हस्ताक्षर अभियान शुरू किया है। पहाड़ी आर्मी के संस्थापक अध्यक्ष हरीश रावत का आरोप है कि शनि मंदिर के नाम पर परिसर में स्थायी ढांचा बनाकर मंदिर के आंगन और पारंपरिक मेले की भूमि को घेरा जा रहा है। उनका कहना है कि इससे माता जिया रानी की गुफा से पवित्र शिला के दर्शन बाधित हो रहे हैं और ऐतिहासिक चित्रशिला धाम की धार्मिक-सांस्कृतिक पहचान प्रभावित हो रही है। संगठन ने राजस्व अभिलेखों में दर्ज भूमि पर निर्माण और व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर सवाल उठाए हैं। पहाड़ी आर्मी का कहना है कि वह शनिदेव की पूजा के विरोध में नहीं, बल्कि पौराणिक मंदिर परिसर में कथित अतिक्रमण के खिलाफ आंदोलन कर रही है।
हरीश रावत के अनुसार, 29 अगस्त को अतिक्रमण के विरोध में हुई महापंचायत के बाद मंदिर में दर्शन करने पहुंचे लोगों पर कथित हमला हुआ था। उनका आरोप है कि इसके बाद हेमंत कुमार गुप्ता की ओर से कत्यूरी समाज के 49 लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज कराए गए और पहाड़ी आर्मी के अध्यक्ष समेत कई लोगों को हिरासत में लिया गया। संगठन ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। हरीश रावत ने यह भी दावा किया कि निर्माण को लेकर राजस्व विभाग और विकास प्राधिकरण को पहले शिकायतें दी गई थीं तथा प्राधिकरण ने 2025 में निर्माण हटाने के आदेश भी दिए थे, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। पहाड़ी आर्मी की मांग है कि परिसर का सीमांकन कर राजस्व अभिलेखों और निर्माण की अनुमति की स्थिति सार्वजनिक की जाए और कथित अतिक्रमण हटाया जाए। संगठन ने चेतावनी दी है कि मांगों पर कार्रवाई नहीं होने पर राज्यव्यापी जागरूकता अभियान के बाद ‘रानीबाग कूच’ किया जाएगा।