उत्तराखंड में जंगलों की आग के बाद अब बारिश से तबाही का दौर शुरू हो गया है। बता दे अल्मोड़ा जिले के सोमेश्वर में बुधवार देर शाम बादल फटने की घटना सामने आई है जिससे भारी तबाही मची हुई है। दरअसल बारिश का पानी मलबे के साथ घरों के आगे नाले के रूप में बहने लगा। इस कारण लोग घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर दौड़ पड़े। वही बारिश के पानी के साथ मलबा और बोल्डर घरों तक पहुंचे, इससे मकानों में दरारें पड़ गईं। साथ ही प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर नुकसान का जायजा लिया। दरअसल बुधवार देर शाम सोमेश्वर क्षेत्र के चनौदा और अघूरिया में अचानक बादल फटा और भारी बारिश हुई। जिसके बाद गांव के पीछे की ओर से बारिश का पानी अपने साथ मलबा और बोल्डर बहा लाया। देखते ही देखते मलबा और बोल्डर घरों के आगे पहुंच गया और लोग बाहर की तरफ दौड़ पड़े।
वही एक घंटे बाद बारिश थमने के बाद ग्रामीणों ने घरों में पहुंचने की हिम्मत जुटाई। लेकिन दहशत के कारण ग्रामीण पूरी रात नहीं सो सके। हालाकि बारिश न होने से क्षेत्र में बहने वाली साईं और कोसी नदी सूखने के कगार पर पहुंच चुकी थीं। लेकिन बुधवार को हुई भारी बारिश के बाद दोनों नदियां अचानक उफान पर आ गईं। उधर बागेश्वर के कपकोट के बिचला दानपुर क्षेत्र में आकाशीय बिजली गिरने से 121 बकरियों की मौत हो गई। दरअसल दानपुर के गोगिना गांव के पशुपालकों ने अपनी बकरियों को चुगान के लिए लमतरा बुग्याल में छोड़ा था। लेकिन मंगलवार की रात को आकाशीय बिजली गिरने से 10 पशुपालकों की 121 बकरियों की मौत हो गई।