NEET पेपर लीक और परीक्षा सुधार को लेकर हुए छात्र आंदोलन के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। CJP (Cockroach Janta Party) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग करते हुए आरोप लगाया कि 20 जुलाई को ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई उनके निर्देश पर हुई होगी। दिपके का कहना है कि जिस तरह छात्रों पर बल प्रयोग किया गया, वह बिना शीर्ष स्तर की मंजूरी के संभव नहीं था। हालांकि, यह दिपके के आरोप हैं और सरकार की ओर से इन आरोपों की पुष्टि नहीं की गई है। दिपके ने कहा कि लोकतंत्र में छात्रों को अपनी बात रखने और शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का अधिकार है। उनके मुताबिक, आंदोलन के दौरान छात्रों के साथ जिस तरह का व्यवहार हुआ, उसने कई संवैधानिक संस्थाओं की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि सरकार आंदोलन को विदेशी फंडिंग से जोड़ती है, तो यह भी देश की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।
अभिजीत दिपके की यह मांग ऐसे समय सामने आई है जब एक दिन पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी छात्र आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर अमित शाह पर निशाना साधते हुए उनके इस्तीफे की मांग की थी। दिपके ने राहुल गांधी की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि छात्रों के खिलाफ हुई कार्रवाई की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। इस पूरे घटनाक्रम के बाद छात्र आंदोलन एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में आ गया है। परीक्षा सुधार, पुलिस कार्रवाई और लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर सरकार और विपक्ष आमने-सामने हैं। फिलहाल केंद्र सरकार या गृह मंत्रालय की ओर से अभिजीत दिपके के आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार इन आरोपों का क्या जवाब देती है और आगे इस विवाद पर क्या रुख अपनाया जाता है।