ऋषिकेश में गंगा में डूबी एक महिला का शव अचानक बैराज जलाशय में नजर आया, जिसकी सूचना मिलने पर पुलिस और एसडीआरएफ की टीम शव का रेस्क्यू करने ही पहुंची थी, कि तभी बैराज का गेट खोल देने की वजह से शव बह गया। जिसके चलते नाराज परिजनों ने लापरवाही बरतने वाले अधिकारियो पर कार्रवाई की मांग की है।
आपको बता दें कि 16 जून को एक महिला साईं घाट पर स्नान के लिए गई थी। तभी महिला ने एक बच्चे को गंगा में डूबते हुए देखा और तभी महिला ने हिम्मत दिखाते हुए अपनी जान की परवाह न करते हुए डूबते हुए बच्चे को तो बचा लिया। लेकिन वह खुद गंगा की तेज धारा में बह गई।
इस दौरान एसडीआरएफ की टीम ने गंगा में महिला की काफी खोजबीन की लेकिन महिला का कुछ पता नहीं चला। वहीं आज अब महिला के परिजनों ने बैराज जलाशय में महिला का शव देखा,जिसके बाद शव को निकालने के लिए पुलिस और एसडीआरएफ को सूचना दी गई। वहीं इससे पहले कि एसडीआरएफ शव को जलाशय से बाहर निकालती कि अचानक बैराज के गेट खोल दिए गए। जिस वजह से महिला का शव जलाशय में गायब हो गया। हालांकि एसडीआरएफ ने शव को तलाशने की कोशिश की मगर अभी तक शव का कुछ पता नहीं चला है।
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ऐसे में महिला के परिजनों ने उत्तराखंड जल विद्युत परियोजना के अधिकारियों पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया और कहा कि जानबूझकर बैराज का गेट खोल कर उनकी परेशानियां बढ़ा दी गई है। वहीं अब परिजनों ने लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।