16 मई को लगने वाला चंद्र ग्रहण, पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा। ग्रहण की घटना धार्मिक और वैज्ञानिक नजरिए से बहुत ही खास मानी जाती है। धार्मिक पहलु से ग्रहण की घटना को शुभ नहीं माना जाता है, जबकि वैज्ञानिक नजरिए से यह एक खगोलीय घटना मात्र है। हिन्दू पंचांग के अनुसार सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण दोनों का ही जीवन में बहुत महत्व है। ऐसी मान्यता है कि ग्रहण के दौरान कोई भी शुभ कार्य नहीं करने चाहिए और ऐसे में भगवान की पूजा भी नहीं की जाती है। 30 अप्रैल 2022 को पहला सूर्य ग्रहण लग चुका है और अब सूर्य ग्रहण के ठीक 15 दिन बाद चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। साल 2022 में दो चंद्र ग्रहण लगेंगे। पहला चंद्रग्रहण मई में और दूसरा चंद्रग्रहण नवंबर में लगेगा।
चंद्रग्रहण लगेगा किस राशि में और क्या सावधानियां बरतने की हैं जरुरत :
ज्योतिष शास्त्र की गणना के अनुसार साल का पहला चंद्रग्रहण 16 मई को वृश्चिक राशि में लगने जा रहा है। इसलिए इस राशि के जातकों पर इसका विशेष रूप से प्रभाव देखने को मिलेगा। चंद्र ग्रहण की तिथि: 16 मई सोमवार 2022 को
समय : प्रातः 07:02 से दोपहर 12:20 बजे तक है |
वृश्चिक राशि पर पड़ेगा ये प्रभाव
- ज्योतिषशास्त्र के अनुसार चंद्र ग्रहण वृश्चिक राशि पर लगने के कारण इस राशि वालों को खास ध्यान रखने की जरूरत है। वृश्चिक राशि के जातकों को बिजनेस में बाधाएं उत्पन्न होने की संभावना है, इसलिए चंद्र ग्रहण के बाद कुछ समय तक लेन-देन न करना ही बेहतर रहेगा। वृश्चिक राशि के जातकों के कई निजी समस्याएं भी झेलनी पड़ सकती हैं।
चंद्रग्रहण पर न करें ये कार्य :
- चंद्र ग्रहण के दौरान भोजन बनाना और खाना दोनों ही वर्जित होता है।
- इस दौरान पूजा भी नहीं करनी चाहिए और मंदिर के पट बंद कर दें।
- ग्रहण के दौरान सोना नहीं चाहिए।
- गर्भवती महिलाओं के ग्रहण के दौरान घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए।
- गर्भवती महिलाएं इस दौरान चाकू या कैंची का भी इस्तेमाल न करें।
- चंद्र ग्रहण के दौरान पेड़-पौधों को भी छूने से बचना चाहिए।
Date : 10-मई-2022
Penned by Reeta Joshi