अपने विवादास्पद बयान को लेकर हमेशा सुर्खियों में रहनेवाले महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगतसिंह कोश्यारी पर अनंत अंबानी से 15 करोड़ का चंदा लेने की बात सामने आई है। दरअसल आरटीआई एक्टिविस्ट अनिल गलगली द्वारा पिछले एक सप्ताह पूर्व ये खबर वायरल हुई थी। अब उस पत्र को गलगली ने सीएम शिंदे और राज्यपाल बैस से जांच की मांग की है। ऐसे में अब इस पूरे मामले में भगतसिंह कोश्यारी ने अपनी चुपी तोड़ते हुए कहा कि,’ मैं महाराष्ट्र का राज्यपाल था और मेरे दरवाजे आम लोगों के लिए हमेशा खुले थे।
मेरा झुकाव हमेशा सामाजिक कार्यों की ओर रहा है. एक दिन, मुकेश अंबानी के छोटे बेटे अनंत अंबानी मेरे पास आए, हमने एक-दूसरे से बात की, मैंने उन्हें उनके अखिल भारतीय संस्थान- विद्या भारती के बारे में जानकारी दी, ये संस्थान पूरे भारत में 20,000 से अधिक स्कूल संचालित करता है। जिनमे से एक नैनीताल में स्थित सरस्वती विहार है, जो पिछले 40 वर्षों से चल रहा है और एक प्रतिष्ठित हॉस्टल विद्यालय है।
साथ ही कोश्यारी ने बताया की जनता की मांग पर और स्कूल खोले जा रहे है जिसके लिए मैंने अनंत अम्बानी से फंड की मांग की थी और उन्होंने 15 करोड़ रूपए मुहैया करवाए जिससे ग्रामीण इलाको के लोगो को भी इसका फायदा मिल सके। साथ ही उन्होंने सफाई देते हुए कहा की सभी विधायक और एमपी को अपने क्षेत्र में काम कराने के लिए सीएसआर से फंड लेना ही पड़ता है, ये कोई ऐसा गलत काम नहीं है। अनिल गलगली द्वारा जो अनर्गल बयान जारी कर बदनामी करने का प्रयास किया गया है उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही को लेकर विचार विमर्श किया जा रहा है जल्द ही इस पर कार्यवाही की जाएंगी।