बच्चों की तस्करी का ऐसा काला कारोबार, जिसे सुनकर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे! मासूम बच्चों को उनकी मां की गोद से दूर कर लाखों रुपये में बेचा जा रहा था और यह पूरा नेटवर्क कई राज्यों में फैला हुआ था। लेकिन अब दिल्ली पुलिस ने इस खौफनाक गिरोह का पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस की कार्रवाई में एक ऐसे अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा हुआ है, जो नवजात और छोटे बच्चों की खरीद-फरोख्त करता था। मामले में 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें गिरोह की कथित मास्टरमाइंड एक महिला भी शामिल है, जो खुद को डॉक्टर बताकर लोगों को झांसे में लेती थी। पुलिस ने दिल्ली और राजस्थान समेत कई जगहों पर छापेमारी कर कई नवजात बच्चों को सुरक्षित बरामद किया है। जांच में सामने आया है कि गिरोह गरीब परिवारों को लालच देकर या उनकी मजबूरी का फायदा उठाकर बच्चों को हासिल करता था और फिर उन्हें लाखों रुपये में बेच देता था।
कुछ मामलों में अस्पताल से जुड़े दस्तावेजों और रिकॉर्ड में भी हेरफेर किए जाने की बात सामने आई है। पुलिस जांच में यह भी पता चला है कि इस नेटवर्क के तार राजस्थान, गुजरात, दिल्ली-एनसीआर और अन्य राज्यों तक फैले हुए थे। आरोप है कि नवजात बच्चों को 5 लाख से 10 लाख रुपये तक में बेचा जाता था। पुलिस ने कई बच्चों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है और अब उनके असली परिजनों की पहचान की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और संगठित तरीके से बच्चों की तस्करी कर रहा था। फिलहाल सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस रैकेट में और कौन-कौन लोग शामिल थे। इस खुलासे के बाद एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा और अवैध गोद लेने के नाम पर चल रहे काले कारोबार को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस का दावा है कि मामले में आगे भी कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।