
सरोवर नगरी की प्रसिद्ध शक्तिपीठ माँ नयना देवी मंदिर परिसर में अगर आपको प्रवेश करना है तो आपको शालीन और सभ्य कपड़े पहनना अनिवार्य होगा। जी हां अब अर्धनग्न वस्त्रों में या भारतीय परंपरा के विपरीत कपड़े पहनने पर मां नयना देवी मंदिर में प्रवेश करना मुश्किल होगा। मन्दिर प्रबंधन ने इसके लिए बाकायदा मन्दिर के गेट पर ही लिखवाय दिया है कि” मर्यादित एवं शालीन वस्त्रों में ही मंदिर में प्रवेश करें।”

ऐसा इसीलिए किया गया है क्योंकि यहाँ हर वर्ष बाहरी राज्यो से भी कई पर्यटक मां नयना देवी के दर्शन को आते है कई बार ख़ासकर महिला पर्यटकों के कपड़े बेहद उत्तेजित और अमर्यादित होते है,जिन पर अक्सर विवाद की स्थिति भी पैदा हो जाती है लोग मंदिर में भगवान के दर्शन कम और मॉडलिंग कर सेल्फी लेने ज़्यादा जाते है। मन्दिर के नियमों को ताक पर रखकर महिलाओं के साथ साथ पुरुष भी शॉर्ट्स पहनकर बिना सिर ढके ही मर्यादाओं का उल्लंघन करते है। इन्हीं सब बातों पर विचार करते हुए मन्दिर प्रबंधन को मनमोहन खाती और विजय मेहरा ने एक पत्र लिखकर मांग की कि मंदिर में आने वाली लड़कियां नियमानुसार ही परिधान पहनकर आये,क्योंकि अमर्यादित वस्त्रों के साथ मन्दिर धार्मिक स्थल कम और पिकनिक स्पॉट ज़्यादा लगने लगा है।

इस मामले में दक्षिण भारत से आने वाले कई भक्तों ने भी मांग की थी कि माँ नयना देवी मंदिर में प्रवेश करने के लिए वस्त्रों का मर्यादित होना बेहद आवश्यक है,हालांकि इस मांग पर मंदिर प्रबंधन के सामने बड़ी चुनौती आ गयी कि हर किसी को कपड़ो के लिए नही टोका जा सकता लेकिन कई लोगो की मांग के बाद मंदिर प्रबंधन ने नियम बना ही दिए।

गौरतलब है कि देवभूमि उत्तराखंड में लाखों मंदिर है जिनके दर्शन के लिए श्रद्धालु हर साल उत्तराखंड पहुंचते है खासकर हरिद्वार केदारनाथ बद्रीनाथ में भक्तों का तांता लगा रहता है यहां अक्सर महिलाएं बेतुके कपड़ो में नज़र आती है कोई क्रॉप टॉप के साथ लो वेस्ट जीन्स में गंगा में डुबकी लगाती दिखाई देती है तो कोई पारदर्शी कपड़ो में रील्स बनाने के लिए शूटिंग करती दिखाई देती है।

जिसको लेकर साधु संतों ने कड़ा विरोध जताया था,और कहा तंग सोशल मीडिया में अपने फॉलोवर्स बढ़ाने के लिए अब धार्मिक स्थलों को भी नही छोड़ा जा रहा यहां अश्लील कंटेंट की वीडियो शूट की जा रही है लड़कियां कम कपड़ो में अपनी शान समझ रही है जिससे धार्मिक भावनाओं को आहत हो रही है,इन पर कार्यवाही होनी चाहिये। इस मामले के बाद ही उत्तराखंड में धार्मिक स्थलों पर अमर्यादित कपड़ो पर रोक लगाने की मांग उठने लगी।

Date : 18-June-2022
Penned by Reeta Joshi