उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन के साथ-साथ धार्मिक यात्राओं पर भी असर डालना शुरू कर दिया है। पिथौरागढ़ जिले में खराब मौसम और भूस्खलन के बढ़ते खतरे को देखते हुए अब अगले आदेश तक किसी भी श्रद्धालु को नया इनर लाइन परमिट (Inner Line Permit) जारी नहीं किया जाएगा।
इस वर्ष 1 मई 2026 से शुरू हुई यात्रा के 62 दिनों में अब तक 52,441 श्रद्धालु और पर्यटक आदि कैलाश और ओम पर्वत के दर्शन कर चुके हैं। यह संख्या पिछले पूरे सीजन की तुलना में काफी अधिक है। पिछले वर्ष पूरे सीजन में करीब 36 हजार श्रद्धालुओं ने यात्रा की थी, जबकि इस बार दो महीने में ही यह आंकड़ा 52 हजार के पार पहुंच गया।
प्रशासन के अनुसार, मानसून के दौरान पहाड़ी मार्गों पर भूस्खलन, चट्टानें गिरने और सड़कें बाधित होने का खतरा लगातार बढ़ रहा है। यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए फिलहाल इनर लाइन परमिट जारी करने की प्रक्रिया पूरी तरह स्थगित कर दी गई है। मौसम सामान्य होने और मार्ग सुरक्षित घोषित होने के बाद ही नए परमिट जारी किए जाएंगे और यात्रा दोबारा शुरू करने पर निर्णय लिया जाएगा।