ज्योतिर्मठ में पड़ी दरारों को लेकर सभी लोग चीन्तीत हैं। ज्योतिर्मठ के विषय में शंकराचार्य जी महाराज ने मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को भी अवगत कराया है। यह ज्योतिर्मठ पोराणीक द्रष्टी से भी काफी महत्वपूर्ण हैं।

नृसिंह मंदिर के समीप स्थित ज्योतिर्मठ में आई दरारों से साधु-संत भी चिंतित हैं। चारधाम यात्रा के दौरान बदरीनाथ धाम जाने वाले साधु-संतों का इसी मठ में डेरा रहता है। उस दौरान प्रतिदिन मठ में साधु-संतों के लिए भंडारा भी आयोजित किया जाता है। भू-धंसाव का असर ज्योतिर्मठ में भी पड़ा है। यहां आदि गुरु शंकराचार्य गद्दी स्थल से लेकर ज्योतिर्मठ तक भवनों में जगह-जगह दरारें पड़ी हैं।

ज्योतिर्मठ के पुननिर्माण के लिए अभी तक किसी भी स्तर पर कोई प्रयास नहीं किए गए हैं। ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी महाराज के शिष्य स्वामी मुकुंदानंद जी महाराज ने कहा कि ज्योतिर्मठ में पड़ी दरारों का प्रशासन की ओर से परीक्षण करवाया है। ज्योतिर्मठ के विषय में शंकराचार्य जी महाराज ने मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को भी अवगत कराया है। इसके नवीनीकरण के लिए जल्द कदम उठाए जाएंगे।