उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में पालतू कुत्ते का लाइसेंस न बनवाने पर चालान किए जा रहे हैं। बीते दिनों दून में 28 लोगों के चालान किए गए हैं। इन लोगों पर दस-दस हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है। अकेले राजधानी में पिछले साल 4000 कुत्तों का पंजीकरण किया गया था, जबकि अभी तक केवल 800 कुत्तों का पंजीकरण का नवीनीकरण हुआ है |

राजधानी के नगर निगम के वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ दिनेश चंद्र तिवारी का कहना है कि नगर निगम की चेतावनी के बावजूद लोग अपने पालतू कुत्ते का पंजीकरण नहीं करा रहे हैं, जिस पर जुर्माना काटने की कार्यवाही की जा रही है। अब तक आपने अपने पालतू कुत्ते का लाइसेंस नहीं बनवाया है तो इसके लिए नगर निगम के दफ्तर जाने की जरूरत नहीं ऑनलाइन ही आप अपने कुत्ते का लाइसेंस बना सकते हैं। अनुमानित तौर पर बताया जा रहा है कि राजधानी में लगभग 35000 कुत्ते हैं लिहाजा लोग अपने डॉगी का लाइसेंस नहीं बना रहे हैं जिन पर कार्रवाई होनी तय है।
शहर में 35 हजार पालतू कुत्ते
नगर निगम ने 2014 में पालतू कुत्तों का पंजीकरण शुरू किया था। शहर में एक अनुमान के अनुसार पालतू कुत्तों की संख्या 35 हजार के आसपास है। निगम के वरिष्ठ पशु चिकित्साधिकारी डा. दिनेश चंद्र तिवारी के अनुसार शहर में सुबह-शाम सैर के लिए निकलते हुए लोग अपने साथ गले में चेन-पट्टा डाले हुए पालतू कुत्ते को संग लेकर चलते हैं। यह जगह-जगह गंदगी फैलाते हैं और दूसरे जन पर गुर्राते हैं। नगर निगम पिछले कुछ दिनों से पालतू कुत्तों का पंजीकरण कराने को लेकर गंभीर है। निगम में पंजीकरण कराने पर कुत्ते को मालिक को 200 रुपये सालाना शुल्क देना पड़ता है पर यह मामूली शुल्क देने से बचने को मालिक कुत्तों का पंजीकरण नहीं कराते।

ऐसे प्राप्त कर सकते हैं आनलाइन लाइसेंस
-देहरादून नगर निगम की वेबसाइट पर जाकर लाइसेंस फार डाग सेक्शन में क्लिक करें।
-पंजीकरण फार्म भरकर पशु चिकित्सक से रैबीज से बचाने को लगने वाले टीके के लगे होने का प्रमाण-पत्र अपलोड करें।
-जीवाणुनाशक का प्रमाण पत्र भी इसके साथ अपलोड करें।
पंजीकरण के बाद नगर निगम संबंधित व्यक्ति को उसके नाम और पते वाला एक आनलाइन नंबर देगा।
-पंजीकरण के लिए 200 रुपये शुल्क आनलाइन जमा करना होगा |
Date : 05-June-2022
Penned by Reeta Joshi