उत्तराखंड डेयरी फेडरेशन (uttarakhand dairy federtion) से जुड़े प्रदेश में दुग्ध उत्पादकों को सरकार से पिछले साल से प्रोत्साहन राशि नहीं मिली थी| वहीं दूध उत्पादकों के लिए 1 साल से बकाया प्रोत्साहन राशि की पहली किश्त सरकार ने जारी की है ऐसे में आंचल डेरी (Haldwani Aanchal dairy) से जुड़ी प्रदेश में करीब 52000 दुग्ध उत्पादकों को इसका फायदा मिलने जा रहा है।
उत्तराखंड डेयरी फेडरेशन से जुड़े दुग्ध उत्पादकों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है अब दूध उत्पादकों के लिए 1 साल से अधिक बकाया प्रोत्साहन राशि की पहली किस्त सरकार ने जारी कर दी है ऐसे में आंचल डेरी से जुड़े प्रदेश के करीब 52000 से अधिक दुग्ध उत्पादकों को इसका फायदा मिलने जा रहा है।
वही, निदेशक उत्तराखंड डेयरी फेडरेशन संजय खेतवाल ने बताया कि उत्तराखंड डेयरी फेडरेशन से जुड़े देश के करीब 52000 दुग्ध उत्पादकों की करीब 1 साल से बकाया चल रही थी उत्पादकों को प्रोत्साहन राशी देने के लिए 43 करोड़ रु देने का प्रावधान भेजा था जिसमे 7 करोड़ 66 लाख 67 हजार की किश्त अब मिल गई है। साथ ही उन्होंने बताया कि बाकी 26 करोड़ रू कि बकाया किश्त के जल्द ही मिलने के आसार है।
राज्य गठन के बाद सरकार ने अपने आंचल ब्रांड की दूध की शुरुआत वर्ष 2002 में की थी जहां 1,01855 लीटर रोजाना दूध का उत्पादन हुआ करता था जो वर्ष 2021 में बढ़कर 2,21,000 तक पहुंच गया है यह दोगुने से भी अधिक है। आंचल डेरी कि व्यवसाय की बात करें तो प्रति वर्ष करीब 350 करोड़ से अधिक टर्नओवर होता है उत्तराखंड आंचल ब्रांड के नाम के अपने 11 सेंटर बनाए गए हैं जिसमें नैनीताल दुग्ध उत्पादक सबसे अधिक दूध का उत्पादन करता है सरकार राज्य में दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए कई प्रयास कर रही है जिसमे ‘गंगा गाय योजना’ और ‘कामधेनु योजना’ शामिल है ।
Date – 22.07.2022
Pennde By – Pooja Bhatt