कोरोना महामारी के चलते दो साल बाधित रही चारधाम यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह है और प्रतिदिन लगभग 50 हजार श्रद्धालु चारों धाम में दर्शनों को पहुंच रहे हैं। लेकिन, चिंता की वजह यह है कि इस बार आस्था के रास्ते पर दिल कमजोर पड़ रहा है और श्रद्धालु लगातार हृदयाघात की चपेट में आ रहे हैं।
शुरुआती एक महीने की यात्रा में ही 124 श्रद्धालुओं की मौत हृदयाघात से हो चुकी है। केदारपुरी का विषम भूगोल लगातार तीर्थ यात्रियों की सांस अटका रहा है। चारधाम में हृदयाघात से अब तक सबसे अधिक तीर्थ यात्रियों की मौत केदारनाथ धाम में ही हुई है। शुक्रवार को चार और तीर्थ यात्रियों की मौत के बाद यह संख्या 58 पहुंच गई। जबकि, चारों धाम में अब तक 122 तीर्थ यात्रियों ने दम तोड़ चुके हैं। इनमें से पांच श्रद्धालुओं की मौत ऋषिकेश में हुई। जबकि, वर्ष 2019 में 48 श्रद्धालुओं ने इस अवधि में दम तोड़ा था। हालांकि, सरकार ने अब संबंधित जिलों के सीएमओ से श्रद्धालुओं के मौत के कारणों की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। विदित हो कि इस बार तीन मई को यमुनोत्री व गंगोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ चारधाम यात्रा शुरू हुई थी। जबकि, केदारनाथ के कपाट छह मई और बदरीनाथ के आठ मई को खोले गए थे ।
हृदयाघात के कारण
- यात्रा के दौरान पड़ावों पर ठहराव कम होना
- कोविड संक्रमण का प्रभाव
- मौसम में लगातार बदलाव
- चारों धाम में स्वास्थ्य परीक्षण की समुचित व्यवस्था नहीं
- श्रद्धालुओं की ओर से बरती जा रही स्वास्थ्य संबंधी लापरवाही
Date :04-May-2022
Penned by Reeta Joshi