लोक सभा चुनाव के दुसरे चरण के मतदान के बाद अब उत्तराखंड में नई बिजली की दरें लागू होने से 27 लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं को बड़ा झटका लगने वाला है। दरअसल उत्तराखंड में बिजली की कीमतों में करीब 7 फीसदी की बढ़ोतरी कर दी है। हालाकि यदि बिजली की दरों में बढ़त होती है तो आम लोगो के जेबों पर काफी असर पड़ेगा। बता दे यूपीपीसीएल की ओर से बिजली की दामों को 23 से 27 प्रतिशत बढ़ाने की मांग की गई थी, जिसे लगभग 10-11 प्रतिशत बढ़ाया जा सकता है। साथ ही बढ़ती गर्मी को देखते हुए लोगों के घरों में कूलर, एसी, फ्रीज जैसे इलेक्ट्रॉनिक गैजेट के इस्तेमाल से बिजली की डिमांड बढ़ जाती है। ऐसे में बिजली विभाग की दोहरी मार लोगों पर पड़ने वाली है। यूपीपीसीएल ने इस मांग को बढ़ाने के लिए कुल बिजली खरीदने पर खर्च होने वाले पैसे का हवाला दिया था। साथ ही यूपीपीसीएल के मुताबिक, हर साल 1281 करोड़ रुपए बिजली को खरीदने में खर्च होते हैं।
जिसके बाद उत्तराखंड विद्युत नियामक बोर्ड ने इस याचिका पर सुनवाई की और सभी हितधारकों से बातचीत कर बिजली की नई दरें लागू करने का फैसला लिया। बता दे आने वाले सोमवार तक राज्य में बिजली की नई दरें घोषित कर दी जाएंगी। वही बिजली विभाग नई दरें लागू करने के बाद इसके फिक्स चार्ज के बारे में भी जानकारी दे सकता है। हालांकि, बीपीएल उपभोक्ता, स्नो बाउंड उपभोक्ता और फिक्स्ड चार्ज में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है।