धर्मनगरी हरिद्वार में कांवड़ यात्रा अब अपने चरम की ओर बढ़ रही है। शिवभक्ति के रंग में रंगे हरिद्वार में मंगलवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शिवभक्त कांवड़ियों का भव्य स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने न केवल कांवड़ियों के चरण पखारे, बल्कि हेलिकॉप्टर से पुष्पवर्षा कर उनका अभिनंदन भी किया। पूरे मार्ग पर “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के जयकारों से माहौल भक्तिमय हो उठा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांवड़ यात्रा केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि आस्था, सेवा और संस्कृति का प्रतीक है। उन्होंने श्रद्धालुओं की सुरक्षित और सुगम यात्रा के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई और सभी व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया।
इधर, कांवड़ मेले का सबसे बड़ा पड़ाव माने जाने वाला बैरागी कैंप भी अब डाक कांवड़ यात्रियों की भारी आमद के लिए पूरी तरह तैयार है। चार अगस्त को पंचक समाप्त होने के बाद उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान समेत विभिन्न राज्यों से डाक कांवड़ियों के बड़े जत्थे हरिद्वार पहुंचने शुरू हो जाएंगे। इसे देखते हुए प्रशासन ने सभी तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है।
हर साल जलाभिषेक से करीब पांच दिन पहले हजारों डाक कांवड़िए अपने वाहनों के साथ बैरागी कैंप पहुंचते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए पार्किंग स्थलों को व्यवस्थित किया गया है। पुलिस ने पार्किंग और निकासी मार्गों पर बैरिकेडिंग कर यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने की योजना तैयार कर ली है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
आने वाले दिनों में बैरागी कैंप पूरी तरह गुलजार नजर आएगा। यहां अस्थायी बाजार, भोजनालय, सेवा शिविर और श्रद्धालुओं की चहल-पहल कांवड़ मेले की रौनक को और बढ़ाएगी। प्रशासन का दावा है कि सुरक्षा, यातायात, स्वास्थ्य सेवाओं और सफाई व्यवस्था को लेकर सभी विभाग अलर्ट मोड पर हैं।
जैसे-जैसे कांवड़ यात्रा अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ेगी, वैसे-वैसे हरिद्वार में श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ने की संभावना है। ऐसे में प्रशासन और पुलिस की सबसे बड़ी चुनौती लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और निर्बाध यातायात व्यवस्था बनाए रखना होगी। फिलहाल हरिद्वार पूरी तरह शिवमय हो चुका है और कांवड़ यात्रा पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ आगे बढ़ रही है।