नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने के साथ ही स्कूलों और बुक सेलरो का अभिभावकों की जेब खाली करने का खेल प्रारंभ हो गया है। बता दे अभिभावक संघ ने शुक्रवार को जिलाधिकारी से मिलकर ज्ञापन सौपा। जिसमे निजी स्कूलों में हो रही मनमानी पर रोक लगाने की मांग की है। वही जिलाधिकारी को सौपे ज्ञापन में कहा गया है की जनपद के सभी निजी स्कूलों में अभिभावकों से स्कूल संचालक विभिन्न प्रकार से एक्स्ट्रा फीस वसूल रहे है।
अभिभावकों को प्राइवेट पब्लिशर की महंगी किताबो को लेने के लिए मजबूर करके लुटा जा रहा है। हालांकि जिलाधिकारी ने इस ज्ञापन का संज्ञान लेते हुए तुरंत कार्यवाही करने में बिलकुल देर नहीं लगायी तथा अधिकारियों को स्कूल प्रबंधन और बुक सेलरों की मनमानी रोकने के निर्देश दिए हैं जिसके बाद शिक्षा महकमा भी अलर्ट मोड पर आ गया है। वही नए शिक्षण सत्र शुरू होते ही निजी स्कूलों में एनसीईआरटी के अलावा प्राइवेट पब्लिशरों के बुक लगाए जाने में मनमानी की शिकायत पर जिला अधिकारी वंदना सिंह ने स्ट्रीक्ट एक्शन लिया है।
साथ ही जिलाधिकारी वंदना सिंह का कहना है की प्राइवेट स्कूलों की किताबों को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थी लिहाजा सभी उप जिलाधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि निजी स्कूलों और बुक सैलरो को सरकार की गाइडलाइन के अनुरूप काम करने के लिए कहा जाए, यदि फिर भी महंगी किताबें और एनसीईआरटी के अलावा मनमाने तरीके से किताबों को लगाए जाने का मामला सामने आएगा तो जिला प्रशासन तत्काल कार्रवाई करेगा जिसके लिए उन्होंने मुख्य शिक्षा अधिकारी को ऐसे स्कूलों पर लगाम लगाने के भी निर्देश दिए हैं।