उत्तराखंड आम आदमी पार्टी ने अग्निपथ योजना के खिलाफ देहरादून के लैंसडाउन चौक पर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए पुतला फूंका। आप कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए अपना आक्रोश व्यक्त किया।आम आदमी पार्टी ने केंद्र सरकार पर युवाओं को भ्रमित करने का आरोप लगाया है।

आम आदमी पार्टी के प्रदेश संगठन समन्वयक जोत सिंह बिष्ट ने कहा कि केंद्र सरकार लगातार युवाओं को गुमराह कर रही है। युवाओं के साथ ही सेना के साथ भी खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने कहा कि सेना के प्रमुख पद से रिटायर्ड हुए कई सैन्य अधिकारी भी इस योजना का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को तत्काल अग्निपथ योजना को खत्म करके पूर्व से चली आ रही सेना की भर्ती की बहाली करनी चाहिए। ताकि युवाओं के साथ किसी भी प्रकार का छल ना हो। जोत सिंह बिष्ट का कहना है कि अगर यह योजना युवाओं के हितों में होती तो युवा इस योजना के खिलाफ सड़कों पर नहीं उतरते।

अग्निपथ योजना के विरोध में राजनीतिक दलों और विभिन्न संगठनों ने 20 जून को देहरादून में धरना प्रदर्शन की योजना बनाई है। इसी के तहत देहरादून पुलिस ने भी अपनी तैयारी पूरी कर ली है। देहरादून पुलिस ने कानून व्यवस्था बनाने के लिए जिले को 10 जोन और 21 सेक्टरों में बांटा है। प्रत्येक जोन में संबंधित क्षेत्राधिकारी और सेक्टर में संबंधित थाना प्रभारी को प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया है। साथ ही इन्हें पर्याप्त मात्रा में पुलिस बल दिया गया है। इसके अलावा सभी जोन और सेक्टर प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए नियमित रूप से गस्त और पेट्रोलिंग करने के निर्देश दिए हैं।देहरादून एसएसपी जन्मेजय खंडूड़ी ने कहा कि किसी भी सूरत में उपद्रव नहीं होने दिया जाएगा।

क्या है अग्निपथ योजनाः केंद्र सरकार ने बीती 14 जून को एक बड़ी महत्वाकांक्षी योजना लॉन्च की। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारतीय युवाओं के लिए सशस्त्र बलों में सेवा के लिए एक आकर्षक भर्ती योजना ‘अग्निपथ’को मंजूरी दी। इसमें अग्निवीर युवाओं को कम उम्र में सैन्य प्रशिक्षण के साथ-साथ स्वरोजगार के काबिल भी बनाया जाएगा। इस दौरान उन्हें शानदार वेतन भी मिलेगा। पहले साल 46 हजार युवक-युवतियों की भर्ती जाएगी। यहां संख्या हर साल कम या ज्यादा हो सकती है। यह योजना सेना भर्ती रैलियों की जगह लेगी।

वही अग्निवीरों का चार वर्षीय सेवाकाल खत्म होने के बाद वे इच्छानुसार रेगुलर काडर के लिए आवेदन कर सकेंगे। रेगुलर काडर में कुल अग्निवीरों में से अधिकतम 25 फीसदी को जगह मिलेगी। प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके बाकी 75 फीसदी अग्निवीरों को चार साल की सेवा के बाद घर भेज दिया जाएगा। जिन जवानों को सेवा से मुक्त किया जाएगा, उन्हें स्वरोजगार के काबिल बनाया जाएगा। साथ ही सशस्त्र बलों और अन्य सरकारी सेवाओं की भर्ती में प्राथमिकता दी जाएगी। इसके साथ ही अग्निवीर को पूर्व सैनिक कोटे का भी लाभ मिलेगा।
Date: 19-June-2022
Penned by Reeta Joshi