बेटे का शव देख माँ सदमे में आ गयी उसको यकीन ही नहीं हुआ की अब उसका लाडला बेटा इस दुनिया में नहीं रहा| वह बस ये ही मानती रही की उसका बेटा सोया है| ‘गोलू बेटा उठ और घर में आ जा…’ ये कुछ शब्द थे जो सुधीर की मां शीला देवी बार बार कहती रही| बेटे का शव घर पहुंचा तो शीला देवी को ऐसा सदमा लगा कि आंखों के आंसू भी सुख गए| अंदर ही अंदर बेटे के जाने का गम आखिर एक माँ कैसे बर्दाश्त करती। दरवाजे पर सुधीर की अर्थी तैयार हो रही थी और आंगन में बेटे का शव रखा था जिसे मां एकटक निहार रही थी। बस ये ही उम्मीद थी की उसका बेटा सोया है और अभी उठकर उसे गले लगा लेगा|
सुधीर के पिता राजू गौड़, बड़ा भाई चंदन, छोटा भाई अंकित बार-बार शीला देवी को समझाने की कोशिश कर रहे थे कि सुधीर अब उन्हें छोड़कर जा चुका है लेकिन एक मां का दिल कैसे यकीन करता कि उसके जिगर का टुकड़ा उसे छोड़कर चला गया। उधर, अर्थी बनाते समय पिता राजू के गिरते आंसू बेटे को अंतिम विदाई दे रहे थे। दोनों भाइयों का रो-रोककर बुरा हाल था।
बता दे की ये घटना रविवार सुबह की है जब वैलेजली लॉज निवासी राजू गौड़ का बेटा सुधीर उर्फ गोलू और उसका दोस्त युवराज गौला नदी में नहाने गए थे| लेकिन दोपहर 12 बजे परिजनों को यह सुचना मिली की दोनों नदी में डूब गए| 12 बजे से शुरू हुए बचाव अभियान के दौरान घटना स्थल से 800 किलोमीटर दुर् युवराज का शव मिला जबकि सुधीर की तलाश जारी थी| शाम को अँधेरा होने की वजह से अभियान को रोक दिया गया| सोमवार को जब दुबारा तलाश करना जारी किया तब सुधीर का शव गौला बैराज में फसा मिला| काठगोदाम पुलिस के मुताबिक, सोमवार की सुबह अंधेरा छंटने के बाद से ही बचाव अभियान शुरू कर दिया गया।
जल पुलिस और एसडीआरएफ की टीम गौला नदी पहुची और गौला बैराज का चैनल गेट खोलकर पानी नदी में छोड़ा गया।
Pennde By – 23/August/2022
Pennde By – Kiran