बीते दिनों केंद्र सरकार ने निर्देशों के अनुसार शासन ने 40 चौटीयों पर पर्वतारोहण और ट्रैकिंग गतिविधियां संचालित करने की अनुमति प्रदान की थी इससे पूर्व वन विभाग की ओर से उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड के सहयोग से इन चौटीयों का सर्वे कर आवश्यक जानकारी एकत्र कर केंद्र को उपलब्ध कर दी गई थी।
सरकार के इस फैसले से उत्तराखंड में पर्वतारोहण के लिए आने वाले लोगों को फायदा होगा, वही ज्यादा से ज्यादा संख्या में लोग यहां पर्वतारोहण के लिए आकर्षित होंगे इसके साथ ही ट्रेकिंग मार्ग पर पड़ने वाले गावों , होटल , हेल्पर जिप्सी चालक को रोजगार का मोका भी मिलेगा।
अब शासन की ओर से देश विदेशी पर्यटकों से पर्वतारोहण गाइडलाइन सन 2004 के प्रावधानों के अनुसार दिए जाने वाले एक्स्पेडीसन शुल्क को समाप्त करने का निर्णय लिया है इसके साथ ही गृह मंत्रालय की ओर से जारी दिशा निर्देशों के अनुसार भारतीय पर्वतारोहण संस्थान, नई दिल्ली की ओर से देश विदेशी पर्यटकों व् अन्य से दिए जा रहे शुल्क का 25% शुल्क उत्तराखंड को उपलब्ध कराए जाने का निर्णय लिया गया है हालाकि अभी तक 100% शुल्क भारतीय पर्वतारोहण संस्थान की ओर से वसूला जाता था।
30 चोटिया पर्वतारोही व् 10 ट्रेकिंग पॉइंट-
एविलोंच पीक-टू, बेथारटोली-साऊथ , भीगुपर्वत, चीरवास पर्वत , बालाकुन, चीरवास पर्वत, देवीस्थान वन , देवीस्थान-टू, दूनागिरी, डंगथाल , देवतोली, गरुड़ पर्वत , गरुड़ फोक्ड , जन्हुकूट , कलीढाग, लम्पक साउथ , मंडा-टू , मंडा-थ्री, नंदा भनार, नंदा खनी, पार्वती पर्वत, पूर्वी दूनागिरी , पंचाचुली-टू, पंचाचुली-थ्री, पंचाचुली-फॉर, पंचाचुली-फाइव , ऋषि पहाड़ , ऋषि-कोट, सप्त मुनल ,सुमेलु पर्वत।
10 ट्रेकिंग पॉइंट-
भगन्यू, लामचिर साउथ , नव पर्वत , नारायन पर्वत , नंदा लपक , रतनगरिया, यन बक, महालय पर्वत , पवंनगड़।
Date – 28. 07. 2022
Pennde By – Pooja Bhatt