राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शेष पद्म पुरस्‍कार विजेताओं को किया सम्‍मानित, उत्तराखंड की बंसती देवी भी हुई सम्मानित

By New31 Uttarakhand

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सोमवार को पद्म पुरस्कारों के शेष 74 विजेताओं को सम्मानित किया | यह पुरस्कार तीन श्रेणियों में – पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री दिए जाते हैं | इस साल 128 पद्म पुरस्कारों की घोषणा की गयी थी, जिसमे 4 पद्म विभूषण, 17 पद्म भूषण और 107 पद्मश्री पुरस्कारों की घोषणा की गई थी | पहला पुरस्कार वितरण समारोह 21 मार्च को आयोजित किया गया था जिसमें 54 हस्तियों को पुरस्कार प्रदान किए गए थे| जिसमे हैलीकाप्टर दुर्घटना में शहीद हुए देश के पहले सी डी एस जनरल विपिन रावत और गीता प्रेस गोरखपुर के जरिये लोगो तक आध्यात्मिक चेतना पहुचाने के लिए श्री राधे श्याम खेमका दोनों को मरणोपरांत पदम् विभूषण से सम्मानित किया गया था |

राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह में 28 मार्च सोमवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शेष 74 विजेताओं को पदम् अवार्ड से सम्मानित किया| जिनमे टोक्यो ओलम्पिक में स्वर्ण पदक विजेता चैंपियन नीरज चोपड़ा को देश के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्मश्री से नवाजा गया। राष्ट्रपति ने नीरज चोपड़ा के अलावा 8 अन्य खिलाड़ियों को पद्म पुरस्कारों से सम्मानित किया। नीरज के अलावा टोक्यो पैरालिंपिक खेलों में जैवलिन थ्रो में स्वर्ण पदक जीतने वाले सुमित अंतिल, मार्शल आर्ट्स खिलाड़ी शंकरनारायण, कुंग-फू खिलाड़ी फैसल अली डार, पैरालंपिक खेलों के स्वर्ण पदक विजेता बैडमिंटन खिलाड़ी प्रमोद भगत को भी पद्मश्री से सम्मानित किया गया। प्रमोद भगत पैरा बैडमिंटन में स्वर्ण जीतने वाले पहले भारतीय हैं। इनमें पैरालंपियन जैवलियन थ्रोअर देवेंद्र झाझरिया का नाम भी शामिल है। देवेंद्र झाझरिया को पद्मभूषण से सम्मानित किया गया। इसके अलाव हॉकी में ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व करने वाली वंदना कटारिया, पैरालंपियन शूटर अवनी लेखरा और फुटबॉलर ब्रह्मानंद संखवाल्कर को भी पद्मश्री से सम्मानित किया गया।

ट्रैक और फील्ड स्पर्धा में चोपड़ा ने भारत को दिलाया था पहला स्वर्ण ओलंपिक

हरियाणा के पानीपत के रहने वाले नीरज को खेल रत्न सम्मान भी मिल चुका है। नीरज चोपड़ा ने 2021 में टोक्यो ओलंपिक में ट्रैक और फील्ड स्पर्धा में भारत को पहला ओलंपिक स्वर्ण दिलाया था। वह अभिनव बिंद्रा के बाद व्यक्तिगत स्पर्धा का स्वर्ण जीतने वाले दूसरे भारतीय हैं। सम्मान मिलने के बाद नीरज चोपड़ा ने एक ट्वीट भी किया। उन्होंने लिखा, ‘आज राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रगान सुनकर रोंगटे खड़े हो गए थे। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा सम्मानित होकर गर्व महसूस हो रहा है। मैं देश के लिए ऐसे ही मेहनत से काम करता रहूंगा।’

उत्तराखंड की बसंती देवी भी हुई पद्म श्री से सम्मानित

समाज सेवा के लिए उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले की बसंती देवी को राष्ट्रपति ने पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया है |बसंती देवी एक प्रसिद्ध पर्यावरणविद है ,इनका कोसी नदी को पुनर्जीवित करने में उल्लेखनीय योगदान है |आपको बता दे इन पुरस्कारो की घोषणा 26 जनवरी 2022 को की गई थी |बसंती देवी को 2016 में नारी शक्ति पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है |बसंती देवी गाँधी जी की शिष्या सरला बहन द्वारा स्थापित लक्ष्मी आश्रम कौसानी में अपना किशोरावस्था का समय बिताया है |बसंती देवी ने राज्य में वृक्षारोपण की मुहीम चलायी है| 14 वर्ष की उम्र में पति को खोने के बाद, ससुराल द्वारा ठोकर मारे जाने के बाद भी जल जंगल औऱ जमीन को बचाने का संघर्ष जारी रखा। समाजसेवा और कोसी नदी को पुनर्जीवित करने में उनके उल्लेखनीय कार्यों के लिए उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया गया है। राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया। साधारण सूती साड़ी और चप्पल पहनें बसंती देवी जब पद्मश्री ग्रहण कर रही थी तो उत्तराखंडियत की सादगी और सरलता उसे झलक रही थी। बसंती देवी को समाजसेवा में उल्लेखनीय कार्यों के लिए पद्म पुरस्कार से नवाजा गया है। लेकिन बसंदी देवी के संघर्ष की कठोर दासतां रही है।डीडीहाट तहसील की रहने वाली 64 वर्षीय बसंती देवी आधुनिकता की चकाचौंध भरी जिंदगी से दूर हैं। वह आज भी साधारण सा कीपैड वाला मोबाइल फोन चलाती हैं। उसे भी वह ठीक से इस्तेमाल करना नहीं जानती हैं।

Date : 30th March 2022

Edited By News 31 Uttarakhand Team

Related News

मनोरंजन

News Letter

Your email address will not be this published. Required fields are News Today.