केदारनाथ पर प्रधानमंत्री ने की मन की बात, स्टार्टअप-स्वच्छता और योग दिवस रहें मुख्य विषय

By New31 Uttarakhand

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मन की बात कार्यक्रम के तहत देश को संबोधित किया। यह मन की बात कार्यक्रम का 89वां एपिसोड था। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने समाज से जुड़े कई मुद्दों पर अपनी राय रखी। उन्होंने देश में तेजी से विकसित हो रही स्टार्टअप इंडस्ट्री, चारधाम यात्रा के दौरान गंदगी और योग दिवस पर मन की बात की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मन की बात कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि देश में स्टार्टअप की संख्या लगातार बढ़ रही है। खास बात यह है कि वैश्विक महामारी के समय में भी देश में स्टार्टअप की संख्या बढ़ी है। देश में यूनिकॉर्न की संख्या 100 के पार जा चुकी है। मुझे इस बात का गर्व है कि भारत में बहुत से ऐसे मेंटर्स हैं, जिन्होंने स्टार्ट अप को आगे बढ़ाने के लिए खुद को समर्पित कर दिया है।

नए भारत की ताकत दिखा रही स्टार्टअप की दुनिया
पीएम मोदी ने कहा, स्टार्ट अप की दुनिया नए भारत की ताकत को दिखा रही है। आज भारत का स्टार्टअप सिर्फ बड़े शहरों तक ही सीमित नहीं है। छोटे-छोटे शहरों और कस्बों से भी लोग सामने आ रहे हें। इससे पता चलता है कि भारत में जिनके पास इनोवेटिव आइडिया है, वे वेल्थ बना सकते हैं। 

योग दिवस के लिए चुनें खास जगह 
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा हम 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने वाले हैं। इस बार योग दिवस की थीम है, “मानवता के लिए योग“। मैं आप सभी से योग दिवस उत्साह के साथ मनाने का आग्रह करता हूं। आप अभी से तैयारी शुरू कर दीजिए। हर किसी को योग दिवस से जोड़ने के लिए प्रेरित कीजिए। प्रधानमंत्री ने बताया अलग-अलग देशों में भातरीय मिशन वहां के स्थानीय समय के मुताबिक सूर्योदय के समय योग कार्यक्रम आयोजित करेंगे। एक देश के बाद दूसरे देश में यह कार्यक्रम शुरू होगा। पूरब से पश्चिम तक निरंतर यात्रा चलती रहेगी। पीएम ने कहा, इस बार योग दिवस मनाने के लिए आप अपने शहर, कस्बे या गांव की किसी ऐसी जगह को चुनें, जो सबसे खास हो। प्रधानमंत्री ने कहा हमारे देश में इस बार ‘अमृत महोत्सव’ को ध्यान में रखते हुए देश के 75 प्रमुख स्थानों पर भी ‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस’ का आयोजन होगा।

विविधता ही हमारी पहचान
मन की बात कार्यक्रम में पीएम ने कहा, हमारे देश में कई सारी भाषाओं, लिपियों और बोलियों का समृद्ध खजाना है। अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग पहनावा, खानपान और संस्कृति, यही हमारी पहचान है। ये विविधता एक राष्ट्र के रूप में हमें अधिक सशक्त करती है और एकजुट रखती है। 

तीर्थ क्षेत्रों की गरिमा बनाए रखने की जरूरत 
प्रधानमंत्री ने कहा हमें तीर्थ स्थलों की गरिमा बनाए रखने की जरूरत है। इस समय में उत्तराखंड के चार धाम की पवित्र यात्रा चल रही है। यहां हर दिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। लेकिन मैंने देखा है कि श्रद्धालु केदारनाथ में कुछ यात्रियों द्वारा फैलाई जा रही गंदगी की वजह से दुखी हैं। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने अपनी बात रखी है। हम पवित्र यात्रा में जाएं और वहां गंदगी का ढेर हो, यह ठीक नहीं।  

प्रधानमंत्री ने इस दौरान उन लोगों की भी तारीफ की जो तन, मन और धन से केदारनाथ और उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में स्वच्छता अभियान चला रहे हैं | पीएम ने ऐसे तीन लोगों रुद्रप्रयाग के रहने वाले मनोज बैंजवाल जो पिछले 25 सालों से पर्यावरण की देखरेख कर रहे हैं और वर्तमान में पवित्र स्थलों पर स्वच्छता की मुहिम चला रहें है | साथ ही गुप्तकाशी के रहने वाले सुरेंद्र बगवाड़ी, जो गुप्तकाशी में नियममित रूप से सफाई कार्यक्रम चलाते हैं और देवर गांव की चंपा देवी जो गांव ही महिलाओं को वेस्ट मैनेजमेंट के गुर सीखा रही हैं, का जिक्र किया और उनके कामों की सराहना भी की |

Date : 29-May-2022

Penned by Reeta Joshi

Related News

मनोरंजन

News Letter

Your email address will not be this published. Required fields are News Today.