भारत में इस साल CUET और स्कूल बोर्ड परीक्षाएं देने वाले लाखों छात्रों से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, छात्रों का डेटा कथित तौर पर ऑनलाइन बिक्री के लिए उपलब्ध होने का दावा किया जा रहा है। इस डेटा में छात्रों के नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और अन्य व्यक्तिगत जानकारियां शामिल हो सकती हैं। यह खुलासा ऐसे समय में हुआ है, जब देश में डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट लागू है।
डेटा के साइज और डेमोग्राफिक फिल्टर्स के आधार पर इस डेटाबेस की कीमत 1,000 रुपये से 10,000 रुपये तक बताई जा रही है। मामले के सामने आने के बाद छात्रों और अभिभावकों के बीच चिंता बढ़ गई है। इस पूरे घटनाक्रम ने परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसियों की साइबर सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल मामले की जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग की जा रही है।
अब सभी की नजर इस बात पर है कि संबंधित एजेंसियां इस मामले में क्या कदम उठाती हैं और छात्रों के डेटा की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाती है।