विकासखंड के सिलसारी गांव में सड़क सुविधा न होने से बीमार लोगों को खटिया पर बैठाकर तीन किलोमीटर सड़क तक पहुंचाया जा रहा है। यहां सड़क निर्माण के लिए सर्वे पर ग्रामीणों और विभाग के बीच सहमति नहीं बन पा रही है। जिससे सड़क निर्माण की कार्रवाई नहीं बढ़ पा रही है। बता दें की विकासखंड यमकेश्वर का सिलसारी गांव आज भी यातायात सुविधा से वंचित है। यहां वर्तमान में 30 परिवार निवासरत हैं।
गांव में उड्डा के निसणी तोक से सिलसारी तक करीब तीन किलोमीटर मोटर मार्ग की मांग को लेकर स्थानीय लोग पीडब्ल्यूडी दुगड्डा और स्थानीय जन प्रतिनिधियों को कई प्रस्ताव दे चुकेे हैं लेकिन आज तक गांव में मोटरमार्ग का सर्वे कार्य नहीं हो पाया है।वहीं स्थानीय निवासी हयात सिंह, गब्बर सिंह, प्रवीण सिंह, बिक्रम सिंह, विरेेंद्र सिंह, गजेंद्र रावत और किशोर ने बताया कि गांव तक सड़क सुविधा न होने से बीमार लोगों को खटिया या डांडी पर बिठाकर निसणी तोक तक ले जाना पड़ता है। रोजमर्रा का सामान भी सिर पर ढोकर लाना पड़ता है। कई बार घोड़े खच्चरों से सामान की ढुलाई कराई जाती है। वहीं लोनिवि का कहना है कि ग्रामीण जहां से सड़क निर्माण चाहते हैं वहां भू स्खलन क्षेत्र है। जिससे वहां सड़क निर्माण संभव नहीं है। साथ ही आपको बता दें की ग्रामीणों से वार्ता और सहमति के बाद नए स्थान पर सर्वे किया जाएगा।