बागेश्वर में सीवर ट्रीटमेंट प्लांट का सपना आज भी फाइल से आगे नहीं बढ़ा है। हालांकि नगर वासियों को उम्मीद है कि जल्द इस पर कार्यवाही होगी। बता दें की 2017 में इसके लिए 49 करोड़ की डीपीआर बनाकर शासन में भेजी गई थी। वहीं इस वर्ष पेयजल निर्माण निगम ने करीब एक अरब 45 करोड़ की डीपीआर बनाकर शासन में भेजी है।
करीब 40000 आबादी वाले बागेश्वर नगर को जिला बनने के 26 साल और राज्य बनने के 23 साल बाद भी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की सुविधा नहीं मिल सकी है। वहीं मिली जानकारी के अनुसार सूबे के दो-दो मुख्यमंत्री सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की घोषणा कर चुके हैं। हालांकि हर चुनाव में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट क्षेत्र का प्रमुख मुद्दा रहता है। साथ ही आपको बता दें की प्लांट न होने के चलते सीवर से भूजल के साथ-साथ सरयू तक गंदगी पहुंच रही है।