बता दें की दो दो नदियों के शहर बागेश्वर में जाड़ों में भी पीने के पानी की कमी बनी हुई है। हालात यह हैं कि लोग रात तक पानी के ही जुगाड़ में लगे रहते हैं।करीब 40 हजार आबादी वाले बागेश्वर नगर को हर रोज 5.5 एमएलडी पानी की आवश्यकता है। नगर के लिए पूर्व में बनी जखेड़ा, मंडलसेरा पेयजल योजना से मात्र तीन एमएलडी पानी मिल पाता है। ढाई एमएलडी पानी की कमी वर्षों से बनी है। लोगों को जलधारों और हैंडपंप पर निर्भर रहना पड़ता है।
वहीं पानी की कमी के कारण मंडलसेरा, जीतनगर क्षेत्र के लोगों को पेयजल संयोजन नहीं मिल पा रहे हैं।जल संस्थान के ईई सीएस देवड़ी की कहना है कि कई इलाकों में रोस्टर से पानी वितरित करना पड़ता है। जरूरत वाले इलाकों में टैंकरों से पानी की आपूर्ति की जाती है।3.7 एमएलडी की निर्माणाधीन मंडलसेरा पंपिंग पेयजल योजना पर नगर के लोगों की उम्मीदें टिकीं हैं। योजना का निर्माण कार्य मार्च 2022 में पूरा हो जाना चाहिए था, लेकिन अब तक नहीं हुआ है। पेयजल निगम वर्ष 2022 से कई तारीखें योजना का काम पूरा करने के लिए दे चुका है, लेकिन योजना का दस प्रतिशत से अधिक काम अभी भी शेष है।