राज्य में एक विशेष अभियान के तहत अपात्र लोगों ने अपने राशन कार्ड सरेंडर कर दिए हैं | अभी तक 58,374 अपात्र लोगों ने राशन कार्ड वापस किए हैं | खाद्य आपूर्ति मंत्रालय के तहत इन लोगों ने स्वेच्छा से कार्ड सरेंडर किया है | मंत्रालय इसे एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देख रहा है |
‘अपात्र को ना और पात्र को हां अभियान’ के तहत उत्तराखंड में बहुत से लोग ऐसे लोग थे, जो गरीबों के राशन पर डाका डालने का काम कर रहे थे। सरकार के सख्ती के बाद पूरे प्रदेश में 58374 अपात्र राशन कार्ड धारकों ने अपने कार्ड को लौट आए हैं ऐसे में अब पात्र लोगों को राशन का हक मिलेगा। यह सभी अपात्र लोग राष्ट्रीय खाद सुरक्षा योजना के तहत गरीबों को मिलने वाले राशन का लाभ ले रहे थे। ऐसे में लौटाए गए राशन कार्ड के जगह पर पात्र लोगों को राशन कार्ड उपलब्ध कराया जाएगा।
खाद्य मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि राशन कार्ड में व्यापक विसंगतियों को देखते हुए मई प्रथम सप्ताह में ‘अपात्र को ना, पात्र को हां’ मुहिम शुरू की गई थी। इसमें अब तक राज्यभर में 58,374 कार्ड धारकों ने स्वेच्छा से अपने राशन कार्ड सरेंडर कर दिए हैं। इसमें तीनों श्रेणी के राशन कार्ड और कुल 2.40 लाख यूनिट शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि इससे साफ हुआ है कि बड़ी संख्या में लोग जाने अनजाने मुफ्त राशन का लाभ ले रहे थे, जबकि कई पात्र परिवारों को राशन नहीं मिल पा रहा था। उन्होंने कहा कि अभी इस महीने के अंत तक लोग स्वेच्छा से अपना राशन कार्ड सरेंडर कर सकते हैं। इसके बाद इन राशन कार्ड को पात्र लोगों का दिया जाएगा, जिस जिले में जितने कार्ड सरेंडर हुए हैं वहां उतने ही पात्र लोगों के नए राशन कार्ड बनेंगे। ऐसे में खाद आपूर्ति विभाग ने अब पात्र लोगों से आवेदन मांग रहा है जो गरीब कल्याण योजना के तहत पात्रता रखता हो। योजना के तहत पात्र लोगों का ही केवल राशन कार्ड बन सकेगा।
Date : 12-June-2022
Penned by Reeta Joshi