आखिर क्यों हुआ गुरुद्वारे पर कब्जे जैसा हंगामा? जानिए निहंगों के विरोध की वजह

आखिर क्यों हुआ गुरुद्वारे पर कब्जे जैसा हंगामा? जानिए निहंगों के विरोध की वजह
By New31 Uttarakhand

उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले स्थित नगरासू गुरुद्वारे में शुरू हुआ निहंगों का विवाद अब शांत होता नजर आ रहा है। गुरुद्वारे की छत पर डटे निहंगों में से दो नीचे उतर आए हैं, जबकि अन्य निहंगों को भी समझाने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने का प्रयास जारी है। प्रशासन और पुलिस का दावा है कि जल्द ही पूरी स्थिति सामान्य हो जाएगी।रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन के अनुसार, गुरुद्वारे में अरदास, लंगर और श्रद्धालुओं की आवाजाही सहित सभी धार्मिक गतिविधियां शांतिपूर्वक संचालित हो रही हैं। पुलिस और प्रशासन लगातार निहंग सिखों के संपर्क में हैं और उनकी मांगों को समझकर समाधान निकालने की कोशिश कर रहे हैं।रुद्रप्रयाग की पुलिस अधीक्षक निहारिका तोमर ने बताया कि शनिवार शाम करीब 3:45 बजे नगरासू गुरुद्वारे में दो पक्षों के बीच विवाद और कहासुनी की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखते हुए दोनों पक्षों से बातचीत शुरू की।

इसी दौरान कुछ निहंग गुरुद्वारे की छत पर चढ़ गए और वहां जाने वाले रास्ते को बंद कर दिया।एसपी तोमर ने कहा कि पुलिस, जिला प्रशासन और गुरुद्वारा प्रबंधन समिति के संयुक्त प्रयासों से बातचीत के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। छत पर मौजूद निहंगों में से एक प्रतिनिधि प्रशासन से वार्ता के लिए नीचे आया है, जबकि बाकी लोगों से भी लगातार संवाद जारी है।वहीं, रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने स्पष्ट किया कि गुरुद्वारे पर किसी प्रकार का कब्जा नहीं किया गया है और न ही किसी श्रद्धालु को बंधक बनाया गया है। उन्होंने कहा कि हेमकुंड साहिब यात्रा पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से चल रही है तथा लोगों को अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए।जानकारी के अनुसार, यह पूरा विवाद 16 जून को चमोली जिले के कर्णप्रयाग बाजार में हुई एक घटना से जुड़ा है। कर्णप्रयाग में वाहन खड़ा करने को लेकर निहंगों और स्थानीय लोगों के बीच विवाद हुआ था। आरोप है कि इस दौरान तलवार से हमले में चार लोग घायल हो गए थे। मामले में पंजाब के मोहाली निवासी चार निहंग सिख श्रद्धालुओं को गिरफ्तार किया गया था।

गिरफ्तार निहंगों की रिहाई की मांग को लेकर कुछ निहंग शनिवार को नगरासू गुरुद्वारे पहुंचे थे। पुलिस के मुताबिक, उनके पास भाले, तलवारें, कुल्हाड़ियां और कृपाण जैसे पारंपरिक शस्त्र मौजूद थे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे।नगरासू गुरुद्वारे के प्रबंधक बेअंत सिंह ने बताया कि मोहाली से आए निहंगों ने कर्णप्रयाग घटना के विरोध में प्रदर्शन कर रहे सिखों के ठहरने के लिए 50-60 कमरों की व्यवस्था करने की मांग की थी। जब प्रबंधन ने इतनी व्यवस्था करने में असमर्थता जताई, तो निहंगों ने कथित तौर पर मारपीट और हंगामा शुरू कर दिया।बेअंत सिंह के अनुसार, इसके बाद निहंग गुरुद्वारे की तीसरी मंजिल और छत पर चढ़ गए तथा प्रवेश मार्ग को बंद कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि निहंग अपने साथ एक बुजुर्ग सिख श्रद्धालु को भी ले गए थे और किसी भी प्रकार की बलपूर्वक कार्रवाई होने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दे रहे थे।हालांकि प्रशासन का कहना है कि बातचीत सकारात्मक दिशा में बढ़ रही है और जल्द ही सभी निहंगों के छत से नीचे उतरने की उम्मीद है। फिलहाल नगरासू गुरुद्वारे और आसपास के क्षेत्र में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।

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