भानियावाला-ऋषिकेश फोरलेन परियोजना के लिए करीब 4 हजार पेड़ों की कटाई का विरोध तेज हो गया है। पर्यावरण प्रेमियों और स्थानीय लोगों ने NHAI (National Highways Authority of India) कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करते हुए इस फैसले पर नाराज़गी जताई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जिस सड़क पर बड़ा ट्रैफिक जाम लगता ही नहीं, वहां इतने बड़े स्तर पर पेड़ों की कटाई की क्या ज़रूरत है? उनका दावा है कि परियोजना के दस्तावेजों में वीआईपी मूवमेंट को भी सड़क चौड़ीकरण का कारण बताया गया है।
विरोध कर रहे लोगों का यह भी कहना है कि यह इलाका हाथियों का महत्वपूर्ण कॉरिडोर है। ऐसे में हजारों पेड़ों की कटाई से वन्यजीवों और पर्यावरण दोनों पर गंभीर असर पड़ सकता है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर इस फैसले पर दोबारा विचार नहीं किया गया, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।