उत्तराखंड में फिर अब बिजली की मार से लोगो को गुजरना पड़ सकता है। बता दे निगम ने प्रस्ताव भेज दिया है जल्दी इस पर विचार-विमर्श कर लागू कर दिया जायगा ।
ऊर्जा निगम में महंगी बिजली खरीदने के कारण हुए करीब 1400 करोड़ की वित्तीय नुकसान की भरपाई की मांग की है इसी के साथ कहा कि मार्च-अप्रैल , जून और जुलाई में लगातार बिजली का संकट रहा है | इस संकट के दौर में आम जनता को नियमित बिजली सप्लाई देने के लिए बाजार से आंतरिक बिजली खरीदनी पड़ी और इसी संकट के कारण बिजली की दरे 12 रुपए प्रति के नीचे नही रही वही मार्च-अप्रैल मई में तो दरे 20 रुपए प्रति यूनिट तक रही।
अप्रैल में 2.63 फीसदी की बढोतरी-
निगम ने दिसम्बर 2021 में बिजली का प्रस्ताव दिया लेकिन इस प्रस्ताव का करने के बाद आयोग ने 1 अप्रेल से बिजली कि दरों में 2.63% की वृद्धि कर दी और इस वृद्धि के फेसले के खिलाफ निगम ने पुनर्विचार करने का प्रस्ताव दिया।
ख़ारिज हो चूका है 12.50 का प्रस्ताव-
वही निगम ने 2022 में बिजली की दरों में 12.50 % वृद्धि का प्रस्ताव आयोग को दिया इस प्रस्ताव को स्वीकार करने से पहले आयोग ने आम-जनता , उद्योगों समेत सभी वर्गों से सुझाव लिया व् सभी को सुनने के बाद याचिका को ख़ारिज कर दिया गया।
यूपीसीएल के एमडी अनिल कुमार ने बताया की ‘इस बार बिजली की माग लगातार बढ़ रही है और ऐसे में बिजली सप्लाई नियमित रखने से बाजार में महंगी बिजली पर निर्भर रहना पड़ रहा है’।
Date – 21.07.2022
Pennde By – Pooja Bhatt