हरिद्वार जिले के मंगलौर क्षेत्र में आज एक मदरसे में प्रेस कांफ्रेंस का आयोजन किया गया। प्रेस कांफ्रेंस में मुस्लिम धर्मगुरु के अलावा समाजसेवी और सामाजिक संगठनों से जुड़े कई लोग मौजूद रहे। इस दौरान मुस्लिम धर्मगुरु कारी शमीम अहमद ने बताया कि इस प्रेस कांफ्रेंस का आयोजन डाडा जलालपुर में हुई हिंसा की घटना को लेकर किया गया। कारी शमीम अहमद ने कहा कि प्रशासन की मौजूदगी में इतनी बड़ी घटना घटी लेकिन कार्रवाई एक तरफा की गई। वहीं बदले की भावना से एक पक्षीय लोगों को टारगेट किया गया।
मामले में निष्पक्ष होनी चाहिए थी कार्रवाई
कारी शमीम अहमद ने बताया कि कार्रवाई दोनो पक्षो की ओर से निष्पक्ष होनी चाहिए थी लेकिन ऐसा नही किया गया। वहीं इस मौके पर समाजसेवी काजी मोनिस ने बताया कि धार्मिक कार्यक्रम के तहत कुछ असामाजिक तत्वों ने मस्जिद के सामने नारेबाजी की । हालांकि ये मामला दोनो पक्षो ने आपस मे सुलझा लिया लेकिन उसके बाद पुलिस की मौजूदगी में जो तांडव हुआ वो हैरान कर देने वाला था।
भाईचारे को मिटाने की कोशिश कर रहे कुछ लोग
वहीं सामाजिक संगठन से जुड़े वरिष्ठ समाजसेवी आदिल फरीदी ने कहा कि “हिंदुस्तान में जो हिन्दू मुस्लिम भाईचारा बना हुआ है उसे कुछ बुरी ताकते मिटाने की नाकाम कोशिश कर रही है” साथ ही उन्होनें सरकार से हिंसा में पीड़ित हुए लोगो की मदद करने की मांग की और कहा कि प्रशासन और सरकार एक ठोस नीति बनाए जिससे इस तरह की हिंसा और आसामाजिक तत्वों पर रोक लग सके|
Date : 24-अप्रैल-2022
Penned by Reeta joshi