परीक्षा पे चर्चा 2022: प्रधानमंत्री मोदी ने बताए परीक्षा के तनाव से बचने के उपाय

By New31 Uttarakhand

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी परीक्षा पे चर्चा के पाचवें संस्करण में छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों से बात करने तालकटोरा स्टेडियम पहुंचे | प्रधानमंत्री मोदी का यह पांचवां ‘परीक्षा पे चर्चा 2022’ कार्यक्रम था | कोरोना महामारी के कारण दो साल बाद आफलाइन परीक्षा देने जा रहे 10वीं और 12वीं के विद्यार्थी काफी तनाव में हैं और प्रधानमंत्री द्वारा दिए जाने वाले टिप्स से उन्हें तनाव कम करने में काफी मदद मिलेगी। कार्यक्रम के दौरान देश भर से करीब 20 छात्रों द्वारा प्रधानमंत्री से सवाल पूछे जाएंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दिल्ली के तालकटोरा स्टेडिंम में परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम में छात्रों, अभिभावकों व शिक्षकों से बात की | इसके तहत लाखों की संख्या में छात्र, शिक्षक और अभिभावक आनलाइन माध्यम से भी शामिल हुए। उन्होंने छात्रों द्वारा पूछे गए सवालों का बड़े ही आसन शब्दों में जवाब दिया। साथ ही पढ़ाई के अलावा खेल-कूद के लिए भी प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने नई शिक्षा नीति, पर्यावरण, ग्रामीण इलाकों में लड़कियों की शिक्षा पर भी चर्चा की। उन्होंने बच्चों के लिए चलाए गए कोरोना वैक्सीनेशन अभियान की भी बात कही। परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम को लेकर प्रधानमंत्री ने कहा, ‘यहां छात्रों के बीच आने से मैं 50 साल छोटा हो जाता हूं’|प्रधानमंत्री ने पढ़ाई के साथ खेल-कूद पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा, ‘खेल-कूद नई शिक्षा नीति का हिस्सा है। बिना खेले कोई खुल नहीं सकता।

परीक्षा के तनाव को दूर करने को लेकर प्रधानमंत्री ने टिप्स दिया और कहा कि परीक्षा जीवन का सहज हिस्सा है। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘परीक्षा के अनुभवों को ताकत बनाइए। यह जीवन के छोटे-छोटे पड़ाव हैं। परीक्षा देने वालों को आत्मविश्वास से लबरेज रहना चाहिए।’ प्रधानमंत्री ने आगे कहा अपने किए पर विश्वास कर आगे बढ़ना है।

ग्रामीण क्षेत्र में लड़कियों की शिक्षा को लेकर एक अभिभावक द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में कहा, ‘स्थितियां बदली हैं और समाज यदि बेटियों के सामर्थ्य को जानने में पीछे रह गया तो कभी आगे नहीं बढ़ सकता है। बेटियों के सामर्थ्य का सम्मान जरूरी है।’ प्रधानमंत्री ने झांसी की रानी लक्ष्मीबाई की वीरता का जिक्र किया और कहा, ‘भारत की बेटियां हर जगह अपना नाम रोशन कर रहीं हैं। आज बेटी हर परिवार की शक्ति बन गई है।’ प्रधानमंत्री ने कहा, ‘बेटे- बेटियों के बीच अंतर खत्म करना होगा’ |

नमो एप पर एक छात्र ने स्मरण शक्ति से जुड़ा सवाल पूछा। इसके जवाब में प्रधानमंत्री ने ध्यान न रखने की बात कही। उन्होंने कहा, ‘उस पल को जीने की कोशिश करें। ध्यान को जीवन में सहज तरीके से स्वीकार करना जरूरी है। आप जो भी करें सजग भाव से करें।’ प्रधानमंत्री ने कहा, ‘स्मरण शक्ति का करें विस्तार नई चीजें जुड़ेंगी। मन विचलित हो तो गहरी सांस जरूर लें।’

प्रधानमंत्री ने फिर से पूछे गए सवालों के जवाब में कहा, ‘हताशा और निराशा की वजह को समझने की कोशिश करें और इससे निपटने की कोशिश करें। हताश और निराश करने वाली बातों को जान लें फिर कोशिश करें कि कौन सी चीजें हैं जो सहज तरीके से मोटिवेट करती हैं।

परीक्षा से डर व इसकी तैयारियों को लेकर छात्रों ने प्रधानमंत्री से सवाल किया। इसके जवाब में प्रधानमंत्री ने शिक्षकों व अभिभावकों को संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने अभिभावकों से कहा, ‘आप जो जीवन में करना चाहते थे वो नहीं कर पाए और इसे बच्चों के जरिए हासिल करना चाहते जिसके कारण इनपर प्रेशर होता है। यह चिंता का विषय है’ |

छात्रों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ‘त्योहारों के बीच परिक्षाएं होतीं हैं जिसके कारण त्योहारों का आनंद नहीं ले पाते हैं लेकिन यदि परीक्षा को ही त्योहार बना दें तो इसमें अनेकों रंग भर जाएंगे।

Date : 2-अप्रैल-2022

Edited by न्यूज़ 31 उत्तराखंड टीम

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