बागेश्वर जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर खनन पट्टाधारकों, ग्रामीणों एवं उनके परिजनों का धरना प्रदर्शन आज 13 वे दिन भी जारी है । वहीं, अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शनकारी पांच दिन से क्रमिक अनशन पर भी बैठे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि प्रशासन की ओर से अब तक उनकी मांगों पर स्पष्ट लिखित जवाब नहीं दिया गया है। विवाद के केंद्र में CTO के निलंबन का दावा है, जिसके दस्तावेज सार्वजनिक करने की मांग प्रदर्शनकारी शुरुआत से ही कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब निलंबन की बात कही जा रही है, तो उसका मूल आदेश और संबंधित दस्तावेज सामने क्यों नहीं रखे जा रहे? इसी मांग को लेकर ग्रामीण दिन-रात धरना स्थल पर डटे हुए हैं।
धरने पर बैठे ग्रामीणों और खनन पट्टाधारकों ने CTO के निलंबन के दावे को झूठा और निराधार बताते हुए प्रशासन से सबूत सार्वजनिक करने की मांग की है। इस मामले में धरना स्थल पर मौजूद ग्रामीणों ने भी अपनी बात रखी, वहीं प्रदर्शन को समर्थन देने पहुंचे समर्थको ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। अब सवाल यह है कि आखिर निलंबन से जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक करने की मांग पर प्रशासन कब तक स्पष्ट जवाब देगा? फिलहाल, 13 दिन से जारी धरने और पांच दिन से चल रहे क्रमिक अनशन के बावजूद प्रदर्शनकारियों का धरना प्रदर्शन जारी है।