हल्द्वानी में उत्तराखंड हाईकोर्ट शिफ्ट होने का इंतजार कर रहे लोगों को एक बार फिर झटका लगा है। नैनीताल से हाईकोर्ट को हल्द्वानी के बेलबाबा-लामाचौड़ क्षेत्र में स्थानांतरित करने का प्रस्ताव केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की क्षेत्रीय अधिकार प्राप्त समिति ने खारिज कर दिया है। इस योजना के तहत करीब 30 हेक्टेयर आरक्षित वन भूमि पर हाईकोर्ट का नया परिसर बनाया जाना था, जिसके लिए 123 पेड़ों के कटान का प्रस्ताव भी शामिल था।
प्रस्ताव खारिज करने के पीछे समिति ने मुख्य वजह गैर-वन भूमि के विकल्पों की पर्याप्त तलाश नहीं होना बताया है। समिति का कहना है कि हाईकोर्ट परिसर बनाने के लिए पहले उपयुक्त गैर-वन भूमि की संभावनाओं को पूरी तरह तलाशा जाना चाहिए। इससे पहले हल्द्वानी के गौलापार क्षेत्र में हाईकोर्ट बनाने का प्रस्ताव भी वर्ष 2024 में खारिज हो चुका है। अब बेलबाबा क्षेत्र के प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिलने के बाद राज्य सरकार को हाईकोर्ट परिसर के लिए दूसरी उपयुक्त जमीन तलाशनी होगी। ऐसे में हल्द्वानी में हाईकोर्ट शिफ्ट करने की योजना पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।