हरिद्वार स्थित प्रसिद्ध मनसा देवी मंदिर में दान और चढ़ावे की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए मंदिर प्रशासन ने एक नई व्यवस्था लागू की है। इस पहल के तहत अब मंदिर के पुजारी और कर्मचारी ड्यूटी के दौरान बिना जेब वाले वस्त्र पहनेंगे। मंदिर ट्रस्ट के अनुसार इस निर्णय का उद्देश्य चढ़ावे की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना और किसी भी प्रकार की हेराफेरी की आशंका को कम करना है। इसके साथ ही दान व्यवस्था की निगरानी के लिए एक विशेष समिति का भी गठन किया गया है, जो चढ़ावे और दान से जुड़ी गतिविधियों पर नजर रखेगी।
मनसा देवी मंदिर उत्तराखंड के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है, जहां हर साल लाखों श्रद्धालु दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं द्वारा बड़ी मात्रा में दान और चढ़ावा भी अर्पित किया जाता है। ऐसे में मंदिर प्रशासन का मानना है कि नई व्यवस्था से दान प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और श्रद्धालुओं का विश्वास और अधिक मजबूत होगा। मंदिर ट्रस्ट का कहना है कि यह कदम मंदिर प्रशासन की जवाबदेही बढ़ाने और दान व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित बनाने की दिशा में उठाया गया है।