AI समिट को लेकर सियासत तेज हो गई है।अजय राय ने सरकार पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि एक ओर भाजपा विपक्ष पर देश की छवि खराब करने का आरोप लगाती है, वहीं दूसरी ओर एआई समिट में हुए कथित विवाद पर चुप्पी साधे हुए है।प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने एआई समिट के दौरान यूथ कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन को जायज ठहराया। उनका कहना है कि यदि किसी संस्थान द्वारा चीन निर्मित रोबोट को भारतीय बताकर प्रस्तुत किया गया है, तो यह देश के वैज्ञानिकों और जनता के साथ धोखा है। उन्होंने आरोप लगाया कि गलगोटिया विश्वविद्यालय ने चीनी रोबोट को अपना बताकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश की छवि को नुकसान पहुंचाया।अजय राय ने कहा कि इस गंभीर मामले में अब तक सरकार की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इससे यह संदेश जाता है कि संबंधित संस्थान को कहीं न कहीं सरकारी संरक्षण प्राप्त है।उन्होंने सवाल उठाया कि जब विपक्ष आवाज उठाता है तो उसे देशद्रोह करार दिया जाता है, लेकिन वास्तविक मुद्दों पर सरकार मौन क्यों है?अजय राय ने कहा कि भाजपा नेता अक्सर राहुल गांधी पर विदेशों में देश की छवि खराब करने का आरोप लगाते हैं,लेकिन एआई समिट में जो घटनाक्रम सामने आया,उससे देश की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है। इसके बावजूद सरकार की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है।उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का सच सामने लाने वाले कार्यकर्ताओं को प्रताड़ित किया जा रहा है, जबकि असली जिम्मेदारों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही। कांग्रेस इस उत्पीड़न के खिलाफ हर स्तर पर विरोध करेगी।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने भाजपा पर भ्रष्टाचार में लिप्त होने का आरोप लगाते हुए कहा कि कर्नाटक में भाजपा विधायक रिश्वत लेते पकड़े गए,जो पार्टी के चरित्र को दर्शाता है।उन्होंने यह भी कहा कि देश में नफरत की राजनीति को बढ़ावा दिया जा रहा है।बदायूं की घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ संगठनों के कार्यकर्ताओं द्वारा तीन मुस्लिम युवकों के साथ मारपीट की गई, जो निंदनीय है।अजय राय ने कहा कि रमजान के पवित्र महीने में इस प्रकार की घटनाएं सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाती हैं।अजय राय ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर दर्ज मुकदमे को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उनका कहना है कि भाजपा सरकार धार्मिक नेताओं को झूठे मामलों में फंसाकर सनातन परंपरा और देश की भावना का अपमान कर रही है।अजय राय ने कहा कि देश सभी का है और यहां सभी को बराबरी का अधिकार है। उन्होंने मांग की कि एआई समिट प्रकरण की निष्पक्ष जांच हो और यदि किसी ने देश को शर्मसार करने का काम किया है तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएउन्होंने अन्य विपक्षी दलों से भी अपील की कि वे कांग्रेस की आलोचना करने के बजाय देश की प्रतिष्ठा से जुड़े मुद्दों पर सरकार और संबंधित संस्थानों की जवाबदेही तय करने की मांग करें। कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि वह इस मुद्दे को लेकर पीछे नहीं हटेगी और लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध जारी रखेगी।