हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसे में सात लोगों की मौत हो गई। यह हादसा चुराह उपमंडल के पुखरी-मसरूंड मार्ग पर माणी जीरो के पास हुआ, जहां एक बोलेरो वाहन अनियंत्रित होकर करीब 500 मीटर गहरी खाई में जा गिरा। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि वाहन के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार सभी सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में चार पुरुष और तीन महिलाएं शामिल हैं।
बताया जा रहा है कि मृतकों में तीन सगे भाई भी शामिल हैं।सभी लोग पंचायत कुठेड़ के महल गांव के निवासी थे और काकड़ोथा गांव में आयोजित एक मुंडन संस्कार की धाम में शामिल होकर अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में उनकी बोलेरो दुर्घटनाग्रस्त हो गई।घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और खाई में उतरकर शवों को बाहर निकालने में मदद की। बाद में पुलिस और प्रशासन की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, जिस स्थान पर हादसा हुआ वहां सड़क किनारे क्रैश बैरियर नहीं लगे थे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सुरक्षा बैरियर होते तो हादसे की गंभीरता कम हो सकती थी।चंबा के पुलिस अधीक्षक (एसपी) विजय सकलानी ने बताया कि सभी शवों को खाई से निकाल लिया गया है । पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच में जुटी हुई है।इस हादसे के बाद पूरे महल और कुठेड़ क्षेत्र में शोक की लहर है। एक ही गांव के सात लोगों की मौत से परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बता दें की पहाड़ी क्षेत्रों में संकरी और घुमावदार सड़कें हादसों की सबसे बड़ी वजह हैं।
कई स्थानों पर क्रैश बैरियर और सुरक्षा दीवारों की कमी भी दुर्घटनाओं को और गंभीर बना देती है। इसके अलावा तेज रफ्तार, ओवरलोडिंग और लापरवाही से वाहन चलाना भी बड़े हादसों का कारण बन रहा है और सड़कों पर बेहतर सुरक्षा इंतजाम, क्रैश बैरियर, नियमित वाहन जांच और यातायात नियमों का सख्ती से पालन ही इन हादसों को कम कर सकता है।