ईएसआई से इलाज की चिकित्सा प्रतिपूर्ति का अधिक बिल भेजने वाले राज्य के 10 अस्पतालों को ईएसआई निदेशालय ने निलंबित कर दिया है। इनमें काशीपुर के तीन अस्पताल भी शामिल हैं। जिनमे अब ईएसआई से इलाज नहीं होगा। हालांकि, जो मरीज यहां पहले से भर्ती हैं, उनका उपचार जारी रहेगा। बता दे ईएसआई एक हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम है। जोकि प्राइवेट सेक्टर में काम कर रहे कर्मचारियों के स्वास्थ्य को मद्देनज़र रखते हुए बनाई गई है। हलाकि हेल्थ इंश्योरेंस प्लान में अगर काम के दौरान कोई भी कर्मचारी दुर्घटना का शिकार होता है तो उसके इलाज के लिए ईएसआई स्कीम के जरिये लाभ दिया जा सकता है। साथ ही इस स्कीम को कुछ इस तरह डिजाइन किया गया है ताकि जरूरत पड़ने पर कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों को मेडिकल केयर दी जा सके।
दरअसल ईएसआई निदेशक दीप्ति सिंह की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2023-24 में अनुबंधित चिकित्सा संस्थानों के यूटीआई पोर्टल पर जमा किए गए बिलों की समीक्षा की गई। जिसमे सामने आया की कुछ अस्पताल से मिली चिकित्सा प्रतिपूर्ति दावों में भर्ती होने पर आने वाले खर्च से अधिक का खर्चा दिखाया गया है। ऐसे में इन अस्पतालों को योजना से निलंबित कर इलाज पर रोक लगा दी है। साथ ही इन अस्पताल प्रबंधनों को निर्देश दिए गए हैं कि वह एक माह के भीतर निदेशालय को अपना पक्ष उपलब्ध कराएं। हलाकि आदेश में ये भी स्पष्ट किया गया कि इन अस्पतालों में ईएसआई से जिन मरीजों का इलाज चल रहा है, वो जारी रहेगा।

वही इन अस्पतालों में बृजलाल अस्पताल एवं रिसर्च सेन्टर प्रा.लि. हल्द्वानी नैनीताल, बालाजी अस्पताल हल्द्वानी नैनीताल, मेडिकेयर अस्पताल चकराता रोड़ सेलाकुई देहरादून, कृष्णा मेडिकल सेंटर 22 इंदर रोड़ डालनवाला देहरादून, मैट्रो हॉस्पिटल एवं हार्ट इन्सीटयूट हरिद्वार, वेलनगिरी हिल्स नर्सिंग होम हरिद्वार रोड़ रूड़की, रैंकर्स अस्पताल सलीमपुर बाईपास रोड़ हरिद्वार, श्री कृष्णा अस्पताल गिरीताल काशीपुर उधमसिंहनगर, अनमोल अस्पताल काशीपुर उधम सिंह नगर और के.वी.आर. हास्पिटल, रिलाइंस पैट्रोल पम्प, काशीपुर, शामिल है।