निर्देशक इम्तियाज अली की हाल ही में रिलीज हुई फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ दर्शकों के बीच लगातार चर्चा में बनी हुई है। दिलजीत दोसांझ, शरवरी, नसीरुद्दीन शाह और वेदांग रैना अभिनीत इस फिल्म को दर्शकों का सकारात्मक प्रतिसाद मिल रहा है। फिल्म की कहानी, भावनात्मक प्रस्तुति और विभाजन की पृष्ठभूमि ने खासकर युवा दर्शकों को गहराई से प्रभावित किया है।
हाल ही में समाचार एजेंसी पीटीआई को दिए एक इंटरव्यू में इम्तियाज अली ने फिल्म के पीछे की प्रेरणा और दर्शकों से मिल रहे प्यार पर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि दुनिया भर में युद्ध, विस्थापन और शरणार्थियों से जुड़ी खबरों को पढ़ते हुए उन्हें बार-बार भारत-पाकिस्तान विभाजन की त्रासदी याद आती थी। इसी सोच ने उन्हें ‘मैं वापस आऊंगा’ जैसी कहानी गढ़ने के लिए प्रेरित किया।
इम्तियाज ने कहा, “मैं लगातार ऐसी खबरें पढ़ रहा था जहां लोग युद्ध और तबाही के कारण अपने घर छोड़ने को मजबूर हो रहे थे। तब मुझे महसूस हुआ कि विभाजन के समय भी लाखों लोगों ने ठीक इसी तरह का दर्द झेला था।”
फिल्म एक 95 वर्षीय बुजुर्ग की भावनात्मक यात्रा को दिखाती है, जो सरहद के उस पार छूटे अपने प्रेम को याद करता है। अतीत और वर्तमान को जोड़ती यह कहानी दर्शकों को मानवता, प्रेम और बिछड़ने के दर्द से रूबरू कराती है।
अपने 55वें जन्मदिन के मौके पर इम्तियाज अली ने कहा कि फिल्म को मिल रही प्रतिक्रिया उनके लिए सबसे बड़ा उपहार है। उन्होंने बताया कि वे लगातार सिनेमाघरों का दौरा कर दर्शकों की प्रतिक्रिया देख रहे हैं और यह अनुभव उनके लिए बेहद संतोषजनक रहा है।
उन्होंने कहा, “ऐसा लग रहा है कि मैं जो कहना चाहता था, वह लोगों तक पहुंच गया है। मैंने पहले कभी दर्शकों को किसी फिल्म को इतनी शांति और ध्यान से देखते नहीं देखा। युवा दर्शक बड़ी संख्या में आ रहे हैं और फिल्म से भावनात्मक रूप से जुड़ रहे हैं।”
‘जब वी मेट’, ‘रॉकस्टार’, ‘लव आज कल’ और ‘अमर सिंह चमकीला’ जैसी चर्चित फिल्मों का निर्देशन कर चुके इम्तियाज अली का मानना है कि ‘मैं वापस आऊंगा’ सिर्फ एक प्रेम कहानी नहीं, बल्कि विस्थापन, यादों और इंसानी रिश्तों की गहराई को दर्शाने वाली फिल्म है। यही वजह है कि यह फिल्म हर उम्र के दर्शकों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है।