आगामी अमरनाथ यात्रा को लेकर जहां आमतौर पर श्रद्धालुओं में उत्साह और भक्ति का माहौल रहता है, वहीं इस बार शहर के लंगर आयोजकों और यात्रियों के बीच चिंता और अनिश्चितता का वातावरण देखा जा रहा है। इस चिंता की मुख्य वजह रसोई गैस (एलपीजी) की भारी कमी है, जो यात्रा के दौरान आवश्यक सेवाओं को प्रभावित कर सकती है।वडोदरा से हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए रवाना होते हैं। इनके लिए विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संस्थाएं रास्ते में लंगर और भंडारे का आयोजन करती हैं। आयोजकों के अनुसार, हजारों यात्रियों की सेवा के लिए इस बार कम से कम 1000 एलपीजी सिलेंडरों की तत्काल आवश्यकता है। हालांकि, स्थानीय स्तर पर गैस आपूर्ति सीमित होने के कारण तैयारियों में बाधा उत्पन्न हो रही है।अमरनाथ यात्रा का मार्ग कठिन भौगोलिक परिस्थितियों से होकर गुजरता है, जहां ऊंचाई, ठंड और थकान के बीच श्रद्धालुओं के लिए गर्म भोजन और पेयजल अत्यंत आवश्यक होता है। ऐसे में ईंधन की कमी केवल लंगर सेवा को ही नहीं, बल्कि यात्रियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को भी प्रभावित कर सकती है।
एक श्रद्धालु ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी आस्था सरकार के निर्णय पर निर्भर है और उन्हें उम्मीद है कि यात्रा के दौरान भोजन जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी नहीं होगी।स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वडोदरा के लंगर आयोजकों ने राज्य और केंद्र सरकार से इस मुद्दे को विशेष मामला मानते हुए प्राथमिकता के आधार पर एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है। फिलहाल प्रशासन की ओर से इस विषय पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।श्रद्धालुओं को अभी भी उम्मीद है कि समय रहते सरकार हस्तक्षेप करेगी और इस पवित्र यात्रा में आने वाली बाधाओं को दूर किया जाएगा। आस्था और सेवा की यह परंपरा केवल श्रद्धा से ही नहीं, बल्कि सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं से भी आगे बढ़ती है। अब देखना यह होगा कि सरकार इस चुनौती का समाधान कैसे करती है और वडोदरा से बाबा बर्फानी तक की यात्रा को कितना सुगम बना पाती है।