रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध को करीब एक महीने से ज्यादा का वक़्त हो गया हैं। दोनों देश पीछे हटने को तैयार नहीं है। रूस के पास अपने हथियार हैं तो वहीं यूक्रेन को अमेरिका के साथ अन्य पश्चिमी देशों से सहायता मिल रही है। नाटो भी इस युद्ध में सीधे तौर पर शामिल होने से बच रहा है, लेकिन परदे के पीछे से मदद की तैयारी में है। अमेरिका और रूस की दुश्मनी किसी से छिपी नहीं है। यूक्रेन पर हमले के साथ ही यह तय हो गया था कि रूस भी सोवियत संघ का हिस्सा रहे इस देश को नहीं बल्कि अमेरिका और पश्चिम में आंख दिखा रहे देशों को जवाब देना चाहता है। अमेरिका भी रूस के विरोधी और अपने दोस्त यूक्रेन को सीधे तौर पर सेना भेजकर मदद न करके, पैसे और हथियार से मदद कर रहा है।
अमेरिका ने चीन को यूक्रेन में रूसी हमले का समर्थन करने के लिए एक बार फिर चेताया है। अमेरिका के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यूक्रेन में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्वारा छेड़े गए युद्ध को “समर्थन” प्रदान करने के खिलाफ चीन को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि मास्को के खिलाफ प्रतिबंध बीजिंग को एक चेतावनी है जो अमेरिका उसपर भी लगा सकता है।
ब्रसेल्स में चीन पर यूरोपीय संघ और अमेरिका के बीच वार्ता के तीसरे दौर के बाद गुरुवार को उप विदेश मंत्री वेंडी शेरमन ने यह चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि पुतिन द्वारा यूक्रेन के खिलाफ यह युद्ध शुरू करने से तीन सप्ताह से भी कम समय में रूस और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने घोषणा की थी कि पीपुल्स रिपब्लिक आफ चाइना और रूस के बीच कोई सहयोग की बात नहीं होगी और चीन इसमें दखल नहीं देगा। लेकिन चीन तब से कई बार रूस का समर्थन करते दिखा है। उन्होंने कहा कि चीन ने रूस के इस आक्रामक युद्ध और यूक्रेन की आत्मरक्षात्मक कार्रवाइयों को बार-बार झूठे ढंग से एक जैसा बताया है जो कि सिरे से गलत है।
शेरमन ने चीन के सरकारी मीडिया पर “रूस के दुष्प्रचार” करने के लिए एक दुष्प्रचारी तोता बताया। उन्होंनें चीनी मीडिया द्वारा नाटो और यूक्रेन को रूस के लिए खतरा बताने वाली खबर को बेतुका दावा करार दिया। उन्होंने कहा कि हम एक और शीत युद्ध शुरू नहीं करना चाहते हैं, हम संघर्ष नहीं चाहते हैं, हम गलत अनुमान नहीं चाहते हैं ।
Date: 23-अप्रैल-2022
Penned by Reeta joshi