छात्रों के विरोध प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा बलों की कार्रवाई को लेकर दिल्ली और बिहार से सामने आए दो मामलों ने बहस छेड़ दी है। दिल्ली में 20 जुलाई को CJP के विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर पैलेट गन से फायरिंग किए जाने के मामले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) ने जांच के आदेश दिए हैं। वहीं, बिहार के सीवान में पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर AK-47 से फायरिंग करने वाले जवान को निलंबित कर दिया गया है।दिल्ली के कनॉट प्लेस में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के एक जवान द्वारा पैलेट गन से सात राउंड फायर किए जाने की बात सामने आई है।
रिपोर्टों के अनुसार, इनमें से पांच पैलेट प्रदर्शनकारियों को लगे, जबकि दो जमीन पर लगे। इस घटना में तीन लोग घायल हुए, जिनमें गुरुग्राम निवासी 25 वर्षीय इरशाद शेख, दिल्ली विश्वविद्यालय के 19 वर्षीय छात्र साहिल लोचाब और 28 वर्षीय एक पत्रकार शामिल हैं। तीनों का अस्पताल में इलाज कराया गया।बताया गया है कि प्रदर्शन के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस और RAF के जवानों पर पथराव किया था, जिसके बाद भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया। घटना के बाद CRPF ने मामले का संज्ञान लेते हुए RAF की कार्रवाई की विस्तृत जांच शुरू करने का फैसला किया है।CRPF के महानिदेशक ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि किसी भी बड़े कानून-व्यवस्था अभियान के बाद पोस्ट-इवेंट इंटरनल असेसमेंट करना बल की मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का हिस्सा है।
इस समीक्षा में यह जांच की जाएगी कि भीड़ नियंत्रण के दौरान SOP का पालन हुआ या नहीं, परिस्थितियां कैसी थीं, स्थानीय पुलिस के साथ समन्वय किस प्रकार रहा और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए किन सुधारों की आवश्यकता है।इसी बीच, बिहार के सीवान में पेपर लीक के खिलाफ हुए प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर AK-47 से फायरिंग करने वाले जवान को निलंबित कर दिया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वायरल वीडियो और प्रारंभिक जांच के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। सीवान में हुई हिंसा के दौरान तीन छात्र गोली लगने से घायल हुए थे और उनका इलाज जारी है।पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में एक छात्र को पुलिस की गोली लगने की संभावना सामने आई है, जबकि अन्य दो छात्रों को गोली कैसे लगी, इसकी जांच जारी है।
हालांकि, घायलों के परिजनों का आरोप है कि तीनों छात्रों को पुलिस की गोली लगी है।इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राज्य सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सीवान में प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने छात्रों पर AK-47 से सीधे फायरिंग की। तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर वीडियो साझा करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की और सरकार की आलोचना की।फिलहाल, दोनों राज्यों में इन घटनाओं की जांच जारी है। दिल्ली में CRPF अपनी आंतरिक समीक्षा के जरिए यह तय करेगी कि RAF की कार्रवाई निर्धारित नियमों के अनुरूप थी या नहीं, जबकि बिहार में पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि छात्रों को गोली किन परिस्थितियों में लगी और घटना के लिए जिम्मेदारी किसकी है। जांच पूरी होने के बाद ही दोनों मामलों में आगे की कार्रवाई और अंतिम निष्कर्ष सामने आएंगे।