बता दे की जिला अस्पताल के एक डॉक्टर पर नशे की हालत में एक गर्भवती महिला वकील का ऑपरेशन करने का आरोप लगा है। आरोप है कि डॉक्टर की लापरवाही के चलते नवजात शिशु की मौत हो गई है।वहीं शिशु के शरीर में ब्लेड के कट के निशान पाए गए हैं। वहीं गुस्साए वकील के परिजनों ने जिला अस्पताल पर हंगामा शुरू कर दिया।
.जानकारी के मुताबिक बस अड्डा कॉलोनी गदरपुर निवासी फईम की पत्नी नगमा जिला न्यायालय में अधिवक्ता हैं।और नगमा के भाई अमीर के अनुसार, नगमा पिछले 9 महीने से गर्भवती थी,वहीं शनिवार सुबह उनको दर्द शुरू हुआ। और सुबह करीब नौ बजे परिजन नगमा को जिला अस्पताल लेकर आ गए। बता दे की जिला अस्पताल में नर्सों ने नगमा को भर्ती कर लिया और उस दौरान डॉक्टरों ने कहा कि बच्चा नॉर्मल होगा, पर शाम सात बजे डॉक्टरों ने कहा कि नगमा का ऑपरेशन करना पड़ेगा।
.वहीं अमीर का कहना है की ऑपरेशन के बाद डॉक्टर ने कुछ नहीं बताया और वह पैदा हुए नवजात को सीधे आईसीयू ले गए। और आईसीयू से करीब पांच मिनट बाद निकल कर डॉक्टर ने बताया कि नवजात मृत पैदा हुआ है, जबकि नगमा के परिजनों का कहना है कि बच्चा स्वस्थ पैदा हुआ था। बच्चे के हाथ, आंख और गले में ब्लड के कट के निशान मिले हैं। जिसके बाद रात करीब 10 बजे परिजनों ने वहां जमकर हंगामा किया और स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। परिजनों ने आरोप लगाया कि डॉक्टर नशे में था और उसकी लापरवाही के चलते नवजात की मौत हुई है।
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