उत्तराखंड में पिछले तीन दिन से हो रही मूसलाधार बारिश से पर्वतीय क्षेत्रों में जहां कई रास्ते बंद हो गए| तो वहीं पहाड़ से लेकर मैदान तक जनजीवन प्रभावित हो गया है| भारी बारिश के चलते शनिवार को गौला नदी का जलस्तर 13558 क्यूसेक के पार चला गया जिसे देखते हुए सिंचाई विभाग ने गौला बैराज के सभी गेट खोल दिए। साथ ही संबंधित विभागों को अलर्ट कर दिया है। गौला बैराज के गेट खुलने से शीशमहल फिल्टर प्लांट के लिए पेयजल आपूर्ति बाधित रही। वही नदी के किनारे रहने वाले लोगो को भी अलर्ट कर दिया गया था|
गौला बैराज के गेट खुलने के कारण ढाई लाख से अधिक आबादी को पेयजल संकट से जूझना पड़ा। जानकारी के मुताबिक शीशमहल फिल्टर प्लांट से हल्द्वानी शहर और ग्रामीण इलाकों में ढाई लाख से अधिक आबादी को पानी मिलता है। लेकिन शनिवार को छह घंटे के लिए शीशमहल फिल्टर प्लांट को पानी नहीं मिला जिसके चलते शीश महल फिल्टर प्लांट से 35 एमएलडी की जगह शनिवार को सिर्फ पांच एमएलडी पानी की आपूर्ति हो पाई।साथ ही इसकी जानकारी संबंधित विभागों को दी गई। जल संस्थान के जेई सतीश सिंह ने बताया कि सुबह आठ बजे से दोपहर ढाई बजे तक प्लांट को पानी नहीं मिला। इस कारण पेयजल आपूर्ति प्रभावित रही।
तिन दिनों की भारी बारिश के चलते हल्द्वानी के बहुत से इलाको को पिने के पानी की कमी से परेशान रहना पढ़ा| वहीं बारिश से लोगों के घर-आंगन भले ही पानी से तरबतर हो गए मगर नलों में पानी की बूंद नहीं टपकी।