शिक्षा विभाग अपने अजब-गजब कारनामों को लेकर हमेशा ही चर्चाओं में रहा है। इस बार मामला तबादलों को लेकर है। एक बीमार शिक्षक कई साल तक सुगम में तबादले के लिए गुहार लगाते रहे। इस इंतजार में वह दुनिया से चले गए, लेकिन तबादला नहीं हुआ।
रुद्रप्रयाग जिले में मृतक शिक्षक का तबादला किए जाने की खबर अमर उजाला में प्रकाशित होने के बाद शिक्षा मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने महानिदेशक को जांच के निर्देश दिए हैं। मंत्री ने कहा कि तीन दिन के भीतर जांच कर मामले में कार्रवाई की जाए। मंत्री ने इसे घोर लापरवाही मानते हुए संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा।
गंभीर बीमार शिक्षक बीरपाल सिंह कुंवर इलाज के लिए सुगम क्षेत्र के स्कूल में अनुरोध के आधार पर तबादला चाह रहे थे, लेकिन विभाग ने उनकी मौत के चार साल बाद अब उनके तबादले का आदेश जारी किया। रुद्रप्रयाग जिले में वार्षिक स्थानांतरण 2022-23 के तहत मृतक शिक्षक के तबादले का प्रकरण सामने आने पर मंत्री ने खासी नाराजगी जताई है।
सेवानिवृत्त और दिवंगत शिक्षकों के किए गए प्रमोशन
शिक्षा विभाग में यह पहला मामला नहीं है जब शिक्षक की मौत के बाद उसके तबादले का आदेश हुआ है। विभाग में पहले भी इस तरह के कारनामे हो चुके हैं। पिछले साल भी विभाग में सेवानिवृत्त और दिवंगत शिक्षकों के प्रमोशन कर दिए गए थे इस मामले का मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लिया था। इसके अलावा विभाग की ओर से भी जांच के निर्देश हुए, लेकिन इतनी बड़ी लापरवाही के बाद भी अब तक किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई।
DATE-15 JULY 2022
PENNDE BY-NISHI BHATIA