अमरनाथ गुफा के पास फटे बादल से एक घंटे के भीतर इतनी बारिश हो गई, जितनी पांच घंटों में भी नहीं होती। यही नहीं गुफा के आसपास के कैंपों में भी बारिश नहीं हुई, लेकिन गुफा के ऊपर भारी बारिश हुई। इस बीच बादल फट गया और तबाही मच गई।
मौसम विभाग के निदेशक सोनम लोटस का कहना है कि शाम पांच बजे से लेकर छह बजे के बीच गुफा के ऊपरी हिस्से में 25 एमएम बारिश हो गई, जबकि इसके पहले दोपहर 12 से बजे से लेकर शाम पांच तक मात्र 30 एमएम बारिश हुई थी। इससे कई गुणा ज्यादा बारिश पांच जुलाई को हुई थी। गुफा के ऊपर एकदम से बारिश हो गई। इसके बाद यह सैलाब बनकर नीचे आ गई। जिसके साथ बड़े पत्थर और मलबा आया और इसकी वजह से कई लोगों की जान चली गई।

उन्होंने कहा, गुफा के आसपास कई कैंप हैं। पंचतरणी, शेषनाग और बालटाल जैसे कैंपों में भी इतनी बारिश नहीं हुई है। यहां तक कि बारिश हुई ही नहीं। गुफा के ऊपर एकदम से इस तरह की बारिश होना और इतनी तबाही होना काफी दुखद है। अब तक 15 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। करीब 15,000 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है।
अमरनाथ हादसे को लेकर कश्मीर स्वास्थ्य निदेशालय ने विभाग में डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की छुट्टियों पर रोक लगा दी है। निदेशालय ने कहा है कि स्थायी हो या अनुबंध, सभी कर्मचारी अगले आदेश से छुट्टी नहीं लेंगे। सभी अधिकारियों को मोबाइल फोन चौबीसों घंटे ऑन रखने के आदेश दिए गए हैं।
DATE- 9 JULY 2022
REPORT BY- NISHI BHATIA