पहाड़ों में बारिश ने कहर बरपाया हुआ है। जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। मलबा आने से सड़कें बंद हो गईं। कई जगह बिजली सप्लाई बाधित हो गई।वही पिथौरागढ़ में भी मलबे के कारण सड़क और राष्ट्रीय राजमार्ग सहित 13 सड़कें बंद हो गईं हैं। और कई स्थानों पर भूस्खलन से पेयजल योजनाएं क्षतिग्रस्त हो गईं हैं। वही देवलथल क्षेत्र में बिजली गिरने से कई लोगों के फ्रिज, टीवी, इन्वर्टर, बिजली के मीटर जल गए हैं,और देवलथल डाक बंगले के पास खड़ी कार का पिछला दरवाजा और शीशे क्षतिग्रस्त हो गए। साथ ही गणाईगंगोली की ग्राम पंचायत पोखरी कुषमान में दो लोगों के मकान के आंगन की दीवार क्षतिग्रस्त हो गई है ,और गंगोलीहाट के दर्जनों गांवों में मंगलवार रात बिजली गुल रही।

वही मौसम विभाग ने मानसून के सक्रिय होने के साथ ही अगले 24 घंटे में उत्तरकाशी ,नैनीताल, चमोली, बागेश्वर, पिथौरागढ़ में भारी बारिश की संभावना जताई है।साथ ही ऑरेंज अलर्ट भी जारी कर दिया है।मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक विक्रम सिंह ने बताया कि दक्षिण पश्चिम मानसून राज्य में दस्तक दे चुका है।
जानकारी के मुताबिक देहरादून, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग में भारी बारिश हो सकती है। ऐसे में इन जिलों में आपदा प्रबंधन के लिहाज से भी लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। बता दें मानसून 20 के बजाय नौ दिन की देरी से उत्तराखंड पहुंचा हैं। और उत्तराखंड में मानसून आते ही कई राजमार्ग बारिश होने की वजह से बंद हो गये है।वही अगर बाद करे सडको की तो अब तक 33 सड़कें भी हुई बंद हो चुकी है।
Date- 30.06.2022
By- Naina