मध्य प्रदेश के जबलपुर में 27 वर्षीय एडवोकेट कविता नागार्जुन की संदिग्ध मौत का मामला लगातार चर्चा में है। चेन्नई के कारोबारी पी. दक्षिणामूर्ति अपनी बेटी की मौत को हत्या बताते हुए इंसाफ की मांग कर रहे हैं। पीड़ित पिता के वकील का कहना है कि पूरा मामला बेहद संदिग्ध है और कविता के शरीर पर कई चोटों के निशान भी मिले थे।पिता का आरोप है कि शादी में करोड़ों रुपये खर्च करने और महंगे उपहार देने के बावजूद उनकी बेटी पर 2 करोड़ रुपये और लाने का दबाव बनाया जाता रहा।
जब उसने इनकार किया तो उसकी मौत रहस्यमयी परिस्थितियों में हो गई।यह मामला सिर्फ एक मौत की जांच नहीं, बल्कि रिश्तों में बढ़ती लालच और संवेदनहीनता पर भी सवाल खड़े करता है। कभी प्यार, भरोसे और सम्मान पर टिके रिश्ते आज कई बार दहेज, लालच और स्वार्थ की भेंट चढ़ते दिखाई देते हैं। आखिर कब तक बेटियां ऐसे अत्याचारों का शिकार होती रहेंगी? अब सभी की नजरें अदालत की सुनवाई और इंसाफ पर टिकी हैं।.