मध्य प्रदेश के मध्य प्रदेश के हरदा में जनसुनवाई के दौरान एक ऐसा दृश्य सामने आया जिसने हर किसी को सोचने पर मजबूर कर दिया।खेड़ी महमूदाबाद के किसान माखनलाल शर्मा और शंभूदयाल शर्मा अपनी जमीन की शिकायत लेकर अधिकारियों के पास पहुंचे थे।
आरोप है कि उनकी जमीन पर बिना अनुमति 33 केवी बिजली लाइन डाली जा रही है।अपनी पीड़ा बताते-बताते किसान का दर्द आंखों से आंसू बनकर बह निकला।एक किसान तो वहीं जमीन पर गिर पड़ा।सवाल सिर्फ बिजली लाइन का नहीं है… सवाल उस आम इंसान का है जिसकी आवाज अक्सर फाइलों के नीचे दब जाती है।
जिस किसान की मेहनत से खेत हरे होते हैं, वही किसान आज अपनी जमीन बचाने के लिए अधिकारियों के सामने रोने को मजबूर है।क्या सच में मुसीबत सिर्फ आम लोगों के हिस्से में ही आती है?या फिर सिस्टम इतना कठोर हो चुका है कि इंसान का दर्द अब दिखाई ही नहीं देता?यह सिर्फ एक किसान की कहानी नहीं…यह हर उस आम आदमी की कहानी है जो अपने हक के लिए लड़ते-लड़ते टूट जाता है।