मेरठ में जल्द ही शहरी परिवहन की तस्वीर बदलने वाली है। प्रस्तावित मेरठ मेट्रो का न्यूनतम किराया दिल्ली और नोएडा मेट्रो के मुकाबले थोड़ा कम रखा जा सकता है। सूत्रों के अनुसार मेरठ मेट्रो का न्यूनतम किराया 10 रुपये और अधिकतम किराया 12 स्टेशनों तक की यात्रा के लिए 40 से 50 रुपये के बीच हो सकता है। इससे आम यात्रियों को सस्ती और सुविधाजनक यात्रा का विकल्प मिलेगा।
23 किलोमीटर लंबा होगा रूट
करीब 23 किलोमीटर लंबी मेरठ मेट्रो शहर के भीतर संचालित होगी। यह परियोजना शहर के प्रमुख इलाकों को जोड़ते हुए यातायात जाम की समस्या को काफी हद तक कम करने में सहायक साबित होगी। मेट्रो ट्रेनें 120 किलोमीटर प्रति घंटे की सुपरफास्ट रफ्तार से चलेंगी, जिससे यात्रियों का समय बचेगा और यात्रा अधिक आरामदायक बनेगी।
नमो भारत रेल के साथ साझा होगा ट्रैक
मेरठ रूट पर मेट्रो, नमो भारत तीव्र रेल के साथ ट्रैक और बुनियादी ढांचा साझा करेगी। यह व्यवस्था देश में अपने तरह की एक अनूठी पहल मानी जा रही है। साझा इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण लागत में कमी आएगी और संचालन अधिक कुशल होगा।
बिना स्टेशन छोड़े बदल सकेंगे सेवा
इस परियोजना की एक बड़ी खासियत यह है कि यात्री स्टेशन परिसर छोड़े बिना मेट्रो और नमो भारत तीव्र रेल के बीच आसानी से स्विच कर सकेंगे। इससे लंबी दूरी और शहर के भीतर की यात्रा के बीच सहज कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि मेरठ मेट्रो के संचालन से शहर में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, व्यापार को गति मिलेगी और प्रदूषण में भी कमी आएगी। सस्ती दरों और तेज रफ्तार के साथ यह परियोजना मेरठवासियों के लिए बड़ी सौगात साबित हो सकती है।